बिलासपुर में संदिग्ध नागरिकता मामले में 18 लोग भारतीय निकले

सिरगिट्टी से पकड़े गए 23 लोगों के दस्तावेजों का हुआ सत्यापन, 15 दिन बाद 18 को रायपुर के होल्डिंग सेंटर से मिली रिहाई
बिलासपुर। जिले के सिरगिट्टी क्षेत्र में संदिग्ध नागरिकता के आधार पर पकड़े गए 23 लोगों में से 18 के भारतीय नागरिक होने की पुष्टि हुई है। मुर्शिदाबाद और संबंधित थाना क्षेत्रों से उनके दस्तावेज एवं पहचान संबंधी रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा होने के बाद सभी 18 लोगों को करीब 15 दिन बाद रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर से रिहा कर दिया गया। वहीं शेष पांच लोगों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार, बचे हुए पांच लोगों से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज मंगवाए गए हैं। जांच के दौरान कुछ दस्तावेजों में कमियां सामने आई हैं। वहीं कुछ लोगों के नाम एसआईआर से हटाए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। पुलिस संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
दो महीने तक चला सत्यापन अभियान
सिरगिट्टी क्षेत्र में संदिग्ध नागरिकों की पहचान के लिए पुलिस ने विशेष टास्क फोर्स का गठन कर अभियान चलाया था। पुलिस के मुताबिक, करीब दो महीने चले इस अभियान के दौरान कुल 1162 लोगों की जांच की गई। दस्तावेजों और पहचान संबंधी जानकारी में संदेह पाए जाने पर 23 लोगों को आगे की जांच के लिए चिन्हित किया गया।
इसके बाद पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और संबंधित थाना क्षेत्रों में जाकर संदिग्धों द्वारा बताए गए पते तथा दस्तावेजों का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच के बाद 4 सितंबर को सभी 23 लोगों को अंतिम पहचान एवं दस्तावेज सत्यापन पूरा होने तक रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया था।
दस्तावेजों में पिता की जगह ससुर का नाम मिलने पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ लोगों के दस्तावेजों में ऐसी जानकारियां सामने आई थीं, जिनके कारण उनकी पहचान को लेकर संदेह पैदा हुआ। पुलिस के अनुसार, कुछ दस्तावेजों में पिता के नाम की जगह ससुर का नाम दर्ज पाया गया। इसके अलावा मूल निवास और पहचान से जुड़े कुछ दस्तावेजों में भी विसंगतियां सामने आई थीं।
इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर पुलिस ने विस्तृत सत्यापन शुरू किया था। जांच के शुरुआती चरण में इन लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 18 लोगों की भारतीय नागरिकता की पुष्टि हो चुकी है।
सिरगिट्टी में छोटे-मोटे काम कर रहे थे
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए अधिकांश लोग सिरगिट्टी क्षेत्र में रहकर अलग-अलग तरह के काम कर रहे थे। इनमें कुछ लोग बाल के बदले बर्तन देने का काम करते थे, जबकि कुछ टेंट-पंडाल लगाने सहित अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़े थे। जांच टीम ने उनके पश्चिम बंगाल स्थित बताए गए पते, स्थानीय पहचान और अन्य दस्तावेजों से संबंधित जानकारी भी जुटाई।
अब पांच लोगों के रिकॉर्ड की होगी विस्तृत जांच
18 लोगों की पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस का ध्यान अब शेष पांच लोगों के दस्तावेजों पर केंद्रित है। पुलिस इनके अतिरिक्त पहचान पत्र और अन्य संबंधित रिकॉर्ड मंगा रही है। जिन दस्तावेजों में कमी या विसंगति मिली है, उनका संबंधित थाना क्षेत्रों और स्थानीय रिकॉर्ड से मिलान कराया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और पहचान से जुड़े सभी रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही शेष पांच लोगों के संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

