छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड का बड़ा एक्शन: ₹5000 करोड़ की संपत्तियों से हटेंगे अवैध कब्जे, केंद्र सरकार ने रिकॉर्ड को माना सही

रायपुर, 02 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पास मौजूद 5000 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली संपत्तियों के रिकॉर्ड को पूरी तरह से सही और वैध मान लिया है।

केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है। बोर्ड जल्द ही पूरे प्रदेश भर में एक बड़ा और सघन अभियान चलाकर इन बेशकीमती संपत्तियों पर किए गए सभी अवैध कब्जों (Illegal Encroachments) को हटाने की कार्रवाई शुरू करेगा।


कुल 2006 संपत्तियों का रिकॉर्ड हुआ वेरिफाई

डिजिटलाइजेशन और रिकॉर्ड के मिलान के बाद वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की पूरी सूची को पारदर्शी बनाया गया है। केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय द्वारा दी गई इस मान्यता के बाद बोर्ड की स्थिति काफी मजबूत हो गई है:

  • संपत्तियों की कुल संख्या: प्रदेश भर में कुल 2006 संपत्तियां वक्फ बोर्ड के दायरे में दर्ज हैं।

  • रिकॉर्ड की सत्यता: लंबे समय से चल रहे जांच और सत्यापन (Verification) के काम के बाद केंद्र ने इन सभी संपत्तियों के मालिकाना हक और दस्तावेज़ों को सही पाया है।

  • कब्जाधारियों पर गिरेगी गाज: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई सहित राज्य के कई बड़े शहरों और कस्बों में मौजूद इन जमीनों और भवनों पर जिन्होंने भी अवैध कब्जा कर रखा है, उन्हें अब बेदखल किया जाएगा।


छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड संपत्ति: एक नजर में (Table)

इस बड़ी प्रशासनिक और कानूनी सफलता का ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

मुख्य विवरण आंकड़े और वर्तमान स्थिति
कुल पंजीकृत संपत्तियां 2006 संपत्तियां
संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹5000 करोड़
रिकॉर्ड की स्थिति केंद्र सरकार द्वारा पूर्णतः सत्यापित और वैध
आगामी कदम पूरे प्रदेश में अवैध कब्जा हटाओ अभियान की शुरुआत

“बोर्ड की संपत्तियों के रिकॉर्ड को केंद्र सरकार से मान्यता मिलना हमारी बड़ी जीत है। वक्फ की संपत्तियां जन-कल्याण और धार्मिक कार्यों के लिए हैं। इन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन के सहयोग से जल्द ही हर एक संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।”

वक्फ बोर्ड छत्तीसगढ़ सूत्र

वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद इनका उपयोग समुदाय के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य लोक-कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा। इस फैसले के बाद राज्य के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।