बस्तर में AI का बड़ा धमाका: एआई ऑडिट से खुला ₹2 करोड़ का वेतन घोटाला, एसपी ऑफिस के 3 पुलिसकर्मी गिरफ्तार
बस्तर, 02 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर से एक बेहद चौंकाने वाला और तकनीकी रूप से ऐतिहासिक मामला सामने आया है। बस्तर पुलिस विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल की मदद से किए गए एक आंतरिक ऑडिट में करीब 2 करोड़ रुपये के बड़े वेतन घोटाले (Salary Fraud) का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है।
इस हाई-टेक खुलासे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस्तर एसपी (SP) ऑफिस के सैलरी सेक्शन में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर पिछले 3 साल से फर्जी तरीके से वेतन बढ़ाकर शासकीय राशि का गबन करने का गंभीर आरोप है।
3 साल से चल रहा था खेल, इंसानी आंखें नहीं पकड़ पाईं
पकड़े गए आरोपी पुलिसकर्मी एसपी कार्यालय के बाबू और सैलरी सेक्शन का काम संभाल रहे थे। डिजिटल युग में इन्होंने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर इस ठगी को अंजाम दिया:
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फर्जी इंक्रीमेंट का खेल: आरोपी पिछले तीन वर्षों से हर महीने बेहद शातिर तरीके से अपनी और कुछ अन्य खातों की सैलरी बढ़ाकर वाउचर जनरेट कर रहे थे।
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पकड़ में क्यों नहीं आया: हर महीने खातों का मिलान मैन्युअल (इंसान द्वारा) किया जाता था, जिसमें बारीक चालाकी को सामान्य तौर पर पकड़ पाना मुश्किल था।
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AI ने ऐसे पकड़ा फ्रॉड: विभाग द्वारा हाल ही में शामिल किए गए एडवांस एआई ऑडिट टूल ने पिछले तीन सालों के डेटा का महज कुछ ही मिनटों में विश्लेषण किया। एआई ने सैलरी ट्रेंड, अप्रत्याशित बढ़ोतरी (Anomalies) और बैंक ट्रांसफर पैटर्न्स को पकड़कर तुरंत रेड फ्लैग (चेतावनी) जारी कर दिया।
बस्तर वेतन घोटाला: मुख्य आरोपी और कार्रवाई (Table)
तकनीक के इस दौर में जहाँ सरकार प्रशासन को एआई आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाने में जुटी है, वहीं इस कार्रवाई ने अन्य विभागों के लिए भी एक मिसाल पेश की है:
| मामला | विवरण |
| घोटाले की कुल राशि | लगभग ₹2 करोड़ (₹2,00,00,000) |
| घोटाले की अवधि | पिछले 3 साल से लगातार जारी |
| जांच का माध्यम | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ऑडिटिंग टूल |
| दोषी / आरोपी | एसपी ऑफिस सैलरी सेक्शन के 3 पुलिसकर्मी (गिरफ्तार) |
एसपी ऑफिस में हड़कंप, अन्य विंग्स की भी होगी एआई जांच
“यह बस्तर पुलिस के इतिहास में तकनीकी ऑडिट का सबसे बड़ा उदाहरण है। एआई की मदद से हमने इस करोड़ों के वित्तीय गबन को पकड़ा है। गिरफ्तार तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।”
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बस्तर संभाग
इस मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के अन्य सरकारी विभागों और कलेक्टोरेट के सैलरी सेक्शन में भी हड़कंप मच गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में अन्य शासकीय विभागों के वित्तीय लेखा-जोखा की जांच के लिए भी एआई ऑडिट का सहारा लिया जा सकता है।
