रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री श्री केदार कश्यप

रायपुर, 08 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य के लाखों वनवासी और ग्रामीण परिवारों को एक बड़ी आर्थिक सौगात दी है। सरकार ने 7.14 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण शुरू कर दिया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों और आदिवासी परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


💰 तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4,000 से बढ़कर हुई 5,500 रुपए

राज्य सरकार ने संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक संबल देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है:

  • प्रदेश में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपए से बढ़ाकर सीधे 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है।

  • संग्रहण दर में हुई इस बड़ी बढ़ोतरी से संग्राहक परिवारों को हर सीजन में भारी अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।


📅 वर्ष 2023 के बोनस का वितरण तेजी से जारी

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि विगत 3 जुलाई को सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा इस बोनस वितरण का शुभारंभ किया गया था।

सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT): इसके तहत प्रदेश की 621 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से जुड़े 7,14,446 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। यह भुगतान प्रक्रिया अंतिम चरणों में है और जल्द ही शत-प्रतिशत पूरी कर ली जाएगी।


📈 सत्र 2026 में 734 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक भुगतान पहले ही पूरा

सरकार ने केवल पुराना बोनस ही नहीं, बल्कि चालू संग्रहण सत्र 2026 में भी भुगतान के नए रिकॉर्ड बनाए हैं:

  • प्रदेश के लगभग 11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए की संग्रहण पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जा चुका है।

  • यह पूरी राशि भी ऑनलाइन माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है, जिससे किसी भी स्तर पर बिचौलियों या कमीशनखोरी की गुंजाइश खत्म हो गई है।

🛡️ पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था

वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि तेन्दूपत्ता प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है। इसलिए संग्रहण से लेकर भुगतान तक की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित (Digital) बनाया गया है। आने वाले समय में भी सरकार वनवासियों के हितों की रक्षा और वन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।