छत्तीसगढ़ में बड़ा घोटाला: कैग (CAG) रिपोर्ट में ‘पीएम खनिज क्षेत्र कल्याण योजना’ में करोड़ों की वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा

रायपुर, 16 जुलाई 2026:

छत्तीसगढ़ में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के खर्चों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इस योजना के क्रियान्वयन में कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और नियमों के उल्लंघन को उजागर किया है।

कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, खदान प्रभावित क्षेत्रों और वहां के स्थानीय लोगों के कल्याण के लिए आरक्षित फंड का इस्तेमाल नियमों को ताक पर रखकर दूसरी जगहों पर किया गया।

नियमों के खिलाफ गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों पर उड़ाए ₹30.73 करोड़

सदन के पटल पर आई इस रिपोर्ट के अनुसार, लगभग ₹30.73 करोड़ का फंड उन गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों पर खर्च कर दिया गया, जो योजना के तय दिशानिर्देशों के दायरे में ही नहीं आते थे।

नियमों के मुताबिक, इस राशि का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और पर्यावरण सुधार जैसे प्राथमिक कार्यों पर खर्च होना था। लेकिन, इस फंड का दुरुपयोग सरकारी कार्यालयों के निर्माण, उनके नवीनीकरण (Renovation) और शहर के सौंदर्यीकरण (Beautification) जैसे कामों में कर दिया गया।

कैग की रिपोर्ट में उठाए गए प्रमुख सवाल

  • दिशानिर्देशों का उल्लंघन: पीएम खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत फंड खर्च करने की प्राथमिकताएं तय हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में इन प्राथमिकताओं को पूरी तरह दरकिनार किया गया।

  • प्रभावितों के हक पर डाका: खनन प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासियों और स्थानीय ग्रामीणों के विकास के बजाय इस राशि को प्रशासनिक भवनों को चमकाने में लगा दिया गया।

विपक्ष बना सकता है बड़ा मुद्दा

विधानसभा के जारी पावस सत्र के बीच कैग (CAG) की इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमाना तय है। करोड़ों रुपये के इस वित्तीय विचलन (Financial Deviation) को लेकर अब आने वाले दिनों में सदन से लेकर सड़क तक हंगामे के आसार हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों से इस भारी गड़बड़ी को लेकर जवाब मांगा जा सकता है।