भाजपा विधायक रिकेश सेन का अपनी ही सरकार के सिस्टम पर बड़ा हमला: बोले- लोहा चोरी के पैसों से अफसरों ने अय्याशी की, नेताओं को बंटती थी मोटी मंथली
दुर्ग/भिलाई: छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर बयान सामने आया है। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने एक बेबाक इंटरव्यू में अपनी ही सरकार के सिस्टम और प्रशासनिक अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। विधायक सेन ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि क्षेत्र में होने वाली अवैध लोहा चोरी की काली कमाई से अफसरों ने जमकर ऐश-ओ-आराम किया है।
“लोहा चोरी की काली कमाई से अफसरों ने की अय्याशी”
एक स्थानीय मीडिया इंटरव्यू के दौरान विधायक रिकेश सेन ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और उसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय कबाड़ और लोहा चोरों के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि लोहा चोरी के करोड़ों रुपयों के दम पर प्रशासनिक अधिकारियों ने जमकर अय्याशी की है। विधायक के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
मंथली का खेल: नेताओं के बच्चों की शादियों में लगा पैसा
बात सिर्फ अफसरों की अय्याशी तक ही सीमित नहीं रही, विधायक सेन ने राजनीतिक सांठगांठ पर भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध धंधे और सिंडिकेट पर चुप्पी साधे रखने के लिए सबको एक मोटी ‘मंथली’ (रिश्वत) बांधी गई थी।
विधायक ने यहाँ तक कह दिया कि लोहा चोरी के इन अवैध पैसों से बड़े-बड़े रसूखदार नेताओं के बच्चों की भव्य शादियां तक संपन्न कराई गईं। इस सिंडिकेट का जाल इतना गहरा है कि ऊपर से नीचे तक सबको इस काली कमाई का हिस्सा पहुँचता था।
अपनी ही सरकार के सिस्टम को घेरा
प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद अपनी ही पार्टी के विधायक द्वारा सिस्टम पर इतने गंभीर सवाल उठाना कई तरह के राजनीतिक संकेत दे रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रिकेश सेन के इस बयान के बाद अब विपक्ष को सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। वहीं, स्थानीय जनता के बीच भी यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर भिलाई में कबाड़ और लोहे का यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है।
