बिलासपुर: करोड़ों के सर्पदंश मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई, महिला डॉक्टर के बाद स्वास्थ्य विभाग के 3 क्लर्क गिरफ्तार

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सामने आए करोड़ों रुपये के सर्पदंश मुआवजा घोटाले (Snakebite Compensation Scam) में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के तीन क्लर्कों (लिपिकों) को भी धर दबोचा है। इन पर फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने और घोटाले को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।

17 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा, ऐसे खुला राज

जांच में सामने आया है कि सांप काटने से होने वाली मौतों पर मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि को हड़पने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा था। इसके तहत बकायदा फर्जी पोस्टमॉर्टम (PM) रिपोर्ट और नकली दस्तावेज तैयार किए जाते थे। पुलिस और प्रशासन की जांच में अब तक कुल 17 करोड़ रुपये के बड़े फर्जीवाड़े की पुष्टि हो चुकी है।

17 अन्य संदिग्ध मामलों की जांच जारी

मामला केवल यहीं तक सीमित नहीं है; पुलिस को इस घोटाले के तार और गहरे होने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें फिलहाल 17 अन्य संदिग्ध फाइलों और मुआवजा मामलों की बारीकी से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच के दायरे में कुछ और नाम आ सकते हैं और गिरफ्तारी का यह आंकड़ा बढ़ सकता है।