अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार: मुजतबा नहीं पहुंचे, कई देशों के बड़े नेता भी रहे नदारद; ईरान के राष्ट्रपति हुए भावुक
तेहरान: इरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस अंतिम विदाई कार्यक्रम में दुनिया भर के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और राजनयिक शामिल हो रहे हैं। श्रद्धांजलि सभा के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान अपने सर्वोच्च नेता को याद कर बेहद भावुक हो गए और उनके आंसू छलक पड़े।
इस बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक कार्यक्रम के बीच कुछ ऐसी बातें भी सामने आई हैं जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
बेटे मुजतबा की अनुपस्थिति ने चौंकाया
इस अंतिम संस्कार में सबसे ज्यादा ध्यान अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने खींचा है। मुजतबा का अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में न पहुंचना कई तरह के राजनीतिक कयासों को जन्म दे रहा है, क्योंकि उन्हें ईरान के अगले संभावित सर्वोच्च नेता के तौर पर भी देखा जाता रहा है।
रूस, चीन और भारत के शीर्ष नेता रहे गायब
भले ही इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन ईरान के बेहद करीबी माने जाने वाले रूस, चीन और भारत जैसे बड़े देशों ने अपने शीर्ष नेताओं (Top Leaders) को इस कार्यक्रम में नहीं भेजा है। इन देशों की ओर से केवल प्रतिनिधिमंडलों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
इस बीच, वैश्विक राजनीति में अपने बयानों के लिए चर्चित रहने वाले अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान को इस अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए ‘1 हफ्ते की मोहलत’ दी थी। ट्रंप का यह बयान क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
