छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे का मौन व्रत: जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी प्रदर्शन जारी, दिल्ली हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई

नई दिल्ली:

प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब और व्यापक रूप लेता जा रहा है। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (अहमदनगर) में मौन आंदोलन (मौन व्रत) शुरू कर दिया है।

अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

मौन व्रत पर बैठने के साथ ही अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी भेजा है।

  • पीएम से अपील: अन्ना हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च नेता हैं, इसलिए जनता और युवाओं के सीधे सवालों को उन तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

  • उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।

जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी प्रदर्शन, भाजपा पर लगाया गुंडे भेजने का आरोप

उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रदर्शन गुरुवार को 32वें दिन भी जारी रहा। सुबह से ही हजारों की संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी मौके पर मौजूद रहे।

  • पथराव का आरोप: पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा भेजे गए असामाजिक तत्व और गुंडे प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर माहौल बिगाड़ने और पत्थरबाजी करने की कोशिश कर रहे हैं।

  • जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ लगातार पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रही है।

प्रदर्शन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में कल सुनवाई

जंतर-मंतर पर लगातार जारी इस आंदोलन के चलते आम नागरिकों को हो रही दिक्कतों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।

जनहित याचिका (PIL) में मुख्य बिंदु: याचिकाकर्ता ने अपील की है कि प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के प्रमुख मार्गों को प्रभावित कर शहर को एक तरह से बंधक बना दिया है। कई रास्ते बंद होने के कारण आम जनता और दफ्तर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए अदालत को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।