कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में अलग देश की मांग तेज, अक्टूबर में जनमत संग्रह संभव

ओटावा।

कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में अलग देश बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अलगाववादी समूहों ने दावा किया है कि उन्होंने जनमत संग्रह की मांग के समर्थन में करीब 3 लाख हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। इसके बाद अक्टूबर में इस मुद्दे पर जनमत संग्रह कराए जाने की संभावना बढ़ गई है।

अलगाववादी संगठनों का कहना है कि अल्बर्टा के आर्थिक हितों और संसाधनों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि संघीय सरकार की नीतियों से प्रांत को नुकसान हो रहा है, खासकर तेल और गैस उद्योग पर लगाए गए प्रतिबंधों से स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।

जनमत संग्रह की मांग को लेकर प्रांत में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि अल्बर्टा को अपने संसाधनों और आर्थिक नीतियों पर अधिक नियंत्रण मिलना चाहिए, जबकि विरोधी इसे कनाडा की एकता के लिए खतरा बता रहे हैं।

कनाडा की संघीय सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जनमत संग्रह होता है तो यह देश की राजनीति में बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है।

अब नजर इस बात पर है कि अल्बर्टा प्रशासन और चुनाव आयोग जनमत संग्रह को लेकर क्या अंतिम निर्णय लेते हैं।