अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका: 8 कर्मचारियों की मौत, 15 झुलसे; धमाका सुनते ही रेस्क्यू के लिए पहुंचे RAF के जवान
अहमदाबाद, 18 जुलाई 2026
गुजरात के अहमदाबाद से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ के वस्त्राल इलाके में शनिवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हो गया, जिसके बाद पूरी फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में फैक्ट्री में काम कर रहे 8 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग 15 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त फैक्ट्री के भीतर करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आस-पास के इलाकों में दहशत फैल गई।
रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने देवदूत बनकर बचाई जान
यह भीषण हादसा रामोल से गतराड जाने वाले रास्ते पर महमूदपुरा टैलेंट के पास हुआ। गनीमत यह थी कि घटना स्थल के बिल्कुल पास में ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का कैंप स्थित है। जैसे ही फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, उसकी आवाज सुनकर कैंप में मौजूद RAF के जवान बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गए। जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे और आग के बीच फंसे लोगों का रेस्क्यू किया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गईं।
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी खुलेआम चल रही थी फैक्ट्री
इलाके के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर जयपाल सिंह राठौड़ ने मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि रामोल-गटराड रोड पर खुले मैदान में मेहुल डोडिया नाम का व्यक्ति यह पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। इस फैक्ट्री का लाइसेंस प्रशासन द्वारा पहले ही रद्द किया जा चुका था, इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर यहाँ भारी मात्रा में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।
सभी घायलों को इलाज के लिए पास के एलजी अस्पताल और असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में हुए इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और केंद्र सरकार की ओर से इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता (मुआवजा) देने का ऐलान किया है।
हादसे से जुड़े 3 बड़े और गंभीर सवाल
1. लाइसेंस रद्द होने के बाद भी फैक्ट्री सील क्यों नहीं हुई?
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द था। नियमतः लाइसेंस रद्द होने के बाद प्रशासन को फैक्ट्री सील करनी होती है और वहां मौजूद सारा बारूद जब्त करना होता है। लेकिन इस मामले में केवल कागजों पर लाइसेंस रद्द हुआ, भौतिक रूप से फैक्ट्री को सील नहीं किया गया, जिससे यह बड़ी लापरवाही सामने आई।
2. सुरक्षा बलों के कैंप के पास फैक्ट्री होना कितना खतरनाक?
गृह मंत्रालय (MHA) के कड़े नियमों के अनुसार, किसी भी सैन्य या अर्धसैनिक बलों (जैसे RAF) के कैंप के आस-पास बारूद, विस्फोटक या पटाखा फैक्ट्रियों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। इसके बावजूद सुरक्षा यूनिट के ठीक पास इतनी बड़ी अवैध फैक्ट्री का चलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
3. पटाखा फैक्ट्रियों में इतना खतरनाक विस्फोट क्यों होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों को बनाने में पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल और एल्युमिनियम पाउडर जैसे अत्यधिक ज्वलनशील रसायनों का इस्तेमाल होता है। ये केमिकल हल्की सी गर्मी, चिंगारी या स्टेटिक बिजली के संपर्क में आते ही चेन रिएक्शन शुरू कर देते हैं। यदि बारूद की मात्रा अधिक हो, तो यह धमाका घरेलू एलपीजी सिलेंडर के फटने से भी कई गुना अधिक विनाशकारी होता है।
