मुख्य सचिव ने निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
लागत का पारदर्शी आकलन और समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश, सड़क एवं रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं पर हुई चर्चा
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
परियोजनाओं की लागत का यथार्थवादी आकलन करने के निर्देश
मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों की लागत का तुलनात्मक विश्लेषण स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से किया जाए। इससे प्रत्येक परियोजना की वास्तविक लागत का उचित आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की समय रहते पहचान करने तथा उनके लिए जरूरी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पहले से पूरी करने पर जोर दिया।
सड़क और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में संचालित और प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान प्रमुख सड़क एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
इनमें कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर-कांकेर-पखांजूर मार्ग पर पुल-पुलियों सहित सड़क निर्माण, बिलासपुर क्षेत्र में बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण तथा बिलासपुर जिले में फ्लाईओवर निर्माण कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर-राजनांदगांव-कवर्धा-फास्टरपुर-कुंडा मार्गों और कुम्हारी-अहिवारा-धमधा-गंडई-साल्हेवारा मार्गों के उन्नयन एवं चौड़ीकरण से संबंधित कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव और ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
