मुश्किल में महिलाओं का सहारा बनी हेल्पलाइन 181, हिंसा और उत्पीड़न की शिकायत पर मिलेगी मदद; जानिए कैसे उठाएं इसका लाभ
घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और संकट की स्थिति में महिलाएं कर सकती हैं टोल फ्री नंबर पर कॉल; पुलिस, अस्पताल, कानूनी सहायता और काउंसलिंग से जोड़ेगी हेल्पलाइन
रायपुर। घर हो या बाहर, महिलाओं के सामने कभी भी हिंसा, उत्पीड़न या किसी तरह का संकट खड़ा हो सकता है। कई बार सामाजिक दबाव, परिवार की चिंता और बदनामी के डर से महिलाएं अपनी परेशानी किसी को बता नहीं पातीं। ऐसी परिस्थितियों में महिला हेल्पलाइन 181 उनके लिए मदद का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। इस टोल फ्री सेवा के जरिए जरूरतमंद महिलाओं को उनकी समस्या के अनुसार संबंधित विभागों और सहायता सेवाओं से जोड़ा जाता है।
केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित महिला हेल्पलाइन का उद्देश्य संकट में फंसी महिलाओं को आपातकालीन और गैर-आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा देशभर में 181 नंबर के माध्यम से संचालित है और 24 घंटे सहायता प्रदान करने के लिए निर्धारित है।
घरेलू हिंसा या उत्पीड़न होने पर 181 पर करें कॉल
अगर किसी महिला के साथ घर में घरेलू हिंसा, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना, उत्पीड़न या अन्य किसी प्रकार की परेशानी हो रही है, तो वह 181 पर कॉल कर सहायता मांग सकती है।
खास बात यह है कि पीड़ित महिला के लिए खुद फोन करना जरूरी नहीं है। उसकी ओर से परिवार का सदस्य, रिश्तेदार, मित्र या कोई अन्य व्यक्ति भी सहायता के लिए संपर्क कर सकता है।
जरूरत के अनुसार मिलेगी सहायता
महिला हेल्पलाइन पर संपर्क करने के बाद पीड़ित महिला की समस्या और परिस्थिति को समझकर उसे संबंधित सहायता सेवाओं से जोड़ा जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- पुलिस सहायता: हिंसा या तत्काल खतरे की स्थिति में पुलिस से संपर्क कराया जा सकता है।
- चिकित्सा सहायता: जरूरत पड़ने पर अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद।
- कानूनी सहायता: कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता के संबंध में मार्गदर्शन।
- काउंसलिंग: मानसिक तनाव और परेशानी से जूझ रही महिलाओं को मनोसामाजिक परामर्श।
- वन स्टॉप सेंटर: हिंसा से प्रभावित महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी, परामर्श और अन्य जरूरी सेवाओं से जोड़ना।
शिकायत करने के लिए क्या जानकारी देनी होगी?
181 पर कॉल करते समय महिला को अपनी समस्या के बारे में जानकारी देनी चाहिए। संभव हो तो अपना नाम, वर्तमान स्थान, संपर्क नंबर और घटना से जुड़ी जरूरी जानकारी बताएं।
हालांकि, महिला अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भी सहायता मांग सकती है। लेकिन आपातकालीन स्थिति में सही स्थान और संपर्क की जानकारी देने से सहायता पहुंचाने में आसानी होती है।
आपात स्थिति में 112 नंबर भी याद रखें
यदि किसी महिला की जान को तत्काल खतरा है या उसे तुरंत पुलिस, एंबुलेंस अथवा अन्य आपातकालीन सहायता की आवश्यकता है, तो राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी कॉल किया जा सकता है। यह पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए एकीकृत नंबर है।
चुप्पी नहीं, मदद मांगना है जरूरी
कई महिलाएं घरेलू हिंसा और उत्पीड़न को परिवार या समाज के डर से लंबे समय तक सहती रहती हैं। लेकिन हिंसा सहना किसी की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। जरूरत के समय सहायता मांगना और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं, छात्राओं और परिवारों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि संकट की घड़ी में कोई भी महिला खुद को अकेला महसूस न करे।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
- महिला हेल्पलाइन: 181
- राष्ट्रीय आपातकालीन सहायता: 112
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
