मोदी के 25 वर्ष के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट का अभिनंदन प्रस्ताव

रायपुर। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के प्रति उनके योगदान का उल्लेख किया गया। मंत्रिपरिषद ने केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, खाद्यान्न वितरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए आभार व्यक्त किया।

प्रस्ताव में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के कार्यकाल से लेकर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और निर्णयों का उल्लेख किया गया। राज्य में निवेश, डिजिटल सेवाओं, कृषि, महिला सशक्तीकरण, जनजातीय विकास, आधारभूत संरचना और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्रों में हुए कार्यों को भी रेखांकित किया गया।

सुशासन और निवेश को बढ़ावा

मंत्रिपरिषद के अनुसार, गुजरात में शासन के दौरान तकनीक, जनसंवाद और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के प्रयोगों से राज्यों को नई दिशा मिली। छत्तीसगढ़ में भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और निवेश आकर्षित करने के लिए कदम उठाए गए हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम और दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से व्यावसायिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव के मुताबिक, राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

डिजिटल सेवाओं से योजनाओं का लाभ

प्रस्ताव में जनधन-आधार-मोबाइल व्यवस्था, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और यूपीआई जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि डिजिटल माध्यमों से सरकारी सेवाओं और वित्तीय सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है। छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टैक के तहत 42 लाख फार्मर आईडी बनाए जाने और ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना से 7.51 लाख ग्रामीणों को संपत्ति अधिकार अभिलेख मिलने की जानकारी दी गई।

आवास, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर

मंत्रिपरिषद ने गरीब परिवारों के लिए संचालित योजनाओं के प्रभाव का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे होने की जानकारी दी गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 36 लाख घरेलू शौचालय और 14,970 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का उल्लेख किया गया।

उज्ज्वला योजना के माध्यम से 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिलने तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 2.49 करोड़ कार्ड जारी होने की जानकारी भी प्रस्ताव में शामिल रही। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वय-वंदना कार्ड जारी किए जाने का उल्लेख किया गया।

किसानों को आर्थिक सहायता

कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत छत्तीसगढ़ के 26.57 लाख किसानों तक सहायता पहुंचने की जानकारी दी गई। प्रस्ताव के अनुसार, धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया गया।

महिला सशक्तीकरण और युवाओं के लिए अवसर

महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई। ‘लखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत 14 लाख महिलाओं की उपलब्धि तथा बिहान योजना से जुड़े 32.39 लाख ग्रामीण परिवारों का उल्लेख किया गया।

खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया के तहत आठ जिलों के लिए 48 करोड़ रुपये की सहायता और 33 मिनी खेल केंद्रों की स्वीकृति का जिक्र किया गया। बिलासपुर में हॉकी, आर्चरी और एथलेटिक्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

जनजातीय समाज के विकास पर फोकस

प्रस्ताव में जनजातीय समुदायों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत प्रदेश के छह हजार से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को आवास, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।

प्रदेश में 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन और लघु वनोपज के माध्यम से छह लाख संग्राहकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया गया। नवा रायपुर में डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय की स्थापना को भी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया।

केंद्रीय करों और आधारभूत संरचना में वृद्धि

मंत्रिपरिषद ने सहकारी संघवाद के तहत राज्यों की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी बढ़ाए जाने का उल्लेख किया। प्रस्ताव के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में 3,46,806 करोड़ रुपये मिले, जबकि 2004 से 2014 के बीच यह राशि 47,100 करोड़ रुपये थी।

सड़क, रेल, बिजली और मोबाइल नेटवर्क के विस्तार के संबंध में भी कई परियोजनाओं का उल्लेख किया गया। राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 35,766 करोड़ रुपये की स्वीकृति, रेल क्षेत्र में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम और दूरस्थ क्षेत्रों में 1,643 मोबाइल टावरों की स्वीकृति की जानकारी दी गई।

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों, रायगढ़ के लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की क्षमता में वृद्धि और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना को भी राज्य के विकास से जोड़कर देखा गया।

बस्तर में शांति और विकास का उल्लेख

प्रस्ताव में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों की भूमिका का उल्लेख करते हुए 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिलने की बात कही गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका के अवसरों के विस्तार को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।

आरसीपीएलडब्ल्यूई के तहत 267 सड़कों और आठ पुलों के निर्माण तथा हिंसा के कारण लंबे समय से बंद 421 स्कूलों को फिर से शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन जैसी सुविधाएं पहुंचाने का भी उल्लेख किया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत

मंत्रिपरिषद ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति, वन रैंक वन पेंशन, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन और नए आपराधिक कानूनों को प्रमुख राष्ट्रीय निर्णयों के रूप में रेखांकित किया। काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के निर्माण के साथ छत्तीसगढ़ में संचालित श्रीरामलला दर्शन योजना का भी उल्लेख किया गया।

पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के अंतर्गत डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर, भोरमदेव कॉरिडोर, जशपुर के मयाली-बगीचा इको-टूरिज्म और चंपारण में संत महाप्रभु वल्लभाचार्य से संबंधित परियोजनाओं का जिक्र किया गया। रायपुर में पीएम एकता मॉल और नवा रायपुर में निफ्ट की स्थापना की स्वीकृति को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का संकल्प

मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रस्ताव में राज्य की खनिज संपदा, ऊर्जा क्षमता, कृषि, महिला शक्ति, युवा प्रतिभा और जनजातीय संस्कृति को विकास की प्रमुख ताकत बताया गया।

कैबिनेट के दो महत्वपूर्ण निर्णय

1. पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की अनुमति दी है। पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान राज्य सरकार पहले ही कर चुकी है।

2. आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलेगा

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।