दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आकाशवाणी भवन में बिना इजाजत धरने पर राहुल-प्रियंका और INDIA ब्लॉक के नेताओं पर FIR दर्ज

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA गठबंधन के कई विपक्षी सांसदों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई दिल्ली स्थित आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति जबरन प्रवेश करने और धरना देने के आरोप में की गई है।

उल्लेखनीय है कि यह शिकायत खुद आकाशवाणी प्रबंधन की ओर से दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई गई है।

‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च से लेकर 8 घंटे के धरने तक: जानें पूरा घटनाक्रम

1. संसद से चुनाव आयोग तक मार्च

विपक्षी सांसद मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के विरोध में संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) मार्च निकाल रहे थे।

2. बैरिकेडिंग और पुलिस की कार्रवाई

मार्च को आगे बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेड्स लगा दिए थे। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने कई नेताओं को बसों में बैठाकर हिरासत में लेने का प्रयास किया।

3. आकाशवाणी भवन में 8 घंटे का धरना

पुलिस बस से उतरकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अचानक पास ही स्थित आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर चले गए और वहाँ स्थित बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। उनके साथ कई वरिष्ठ सांसद और कार्यकर्ता भी वहीं डट गए। यह धरना दोपहर से शुरू होकर रात करीब 8 बजे तक (लगभग 8 घंटे) जारी रहा।

4. हिरासत और रिहाई

रात लगभग 8 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत करीब 250 नेताओं को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन भेजा, जहाँ से कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उन्हें लगभग 2 घंटे बाद रिहा कर दिया गया।

दिल्ली पुलिस का रुख और सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार:

  • INDIA ब्लॉक के इस प्रदर्शन और मार्च के लिए कोई पूर्व प्रशासनिक अनुमति (Permission) नहीं ली गई थी।

  • पुलिस प्रशासन को सोशल मीडिया के जरिए ही इस मार्च के आयोजन की जानकारी मिली थी।

  • नई दिल्ली क्षेत्र में लागू बीएनएस (BNS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) का उल्लंघन रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष के गंभीर आरोप

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। विपक्ष के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  • वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: विपक्ष का दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में मनमाने बदलाव किए गए और फॉर्म-6 की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

  • चुनाव आयोग के आंतरिक मतभेद: ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए विपक्ष ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।

  • इस्तीफे की मांग: विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है, इसलिए वे CEC ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

‘सागर रत्ना’ में लंच मीटिंग: INDIA ब्लॉक की आगे की रणनीति

मामले को आगे ले जाने के लिए INDIA ब्लॉक ने अगली रणनीति तैयार कर ली है:

  1. सांसदों की बैठक: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विपक्षी सांसदों को नई दिल्ली के जनपथ स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्टोरेंट में लंच पर आमंत्रित किया है।

  2. CEC को साझा पत्र: इस बैठक के दौरान सभी विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात का समय मांगने के लिए एक संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।