CEC Gyanesh Kumar Protests: दिल्ली और मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, जंतर-मंतर से सौरभ भारद्वाज हिरासत में

नई दिल्ली / मुंबई: 2 अक्टूबर 2026 को स्टेट वाइज इन-डेप्थ रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुँचे कई प्रमुख विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

1. दिल्ली में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त का विरोध

  • आप नेता हिरासत में: आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जैसे ही पहुँचे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ कई महिला कार्यकर्ताओं को भी पुलिस बस में बैठाकर ले जाया गया।

  • विपक्षी नेताओं का कड़ा रुख: जंतर-मंतर पहुँचे RJD सांसद मनोज झा ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को पुलिस स्टेट में तब्दील करके भी अधिकारी अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते।

  • कड़े सुरक्षा इंतजाम और धारा 163:

    • जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों को 8-9 ज़ोन में बाँटकर वरिष्ठ IPS अधिकारियों की तैनाती की गई है।

    • इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और वॉटर कैनन तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है।

    • सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू कर किसी भी तरह के जुलूस, प्रदर्शन या जनसभा पर रोक लगा दी गई है।

  • 12 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद: सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जंतर-मंतर के आसपास के 12 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों (जैसे राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, जनपथ और पटेल चौक) के एंट्री व एग्जिट गेट बंद कर दिए गए हैं।

2. चुनाव आयोग के भीतर उठे सवाल और फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव

  • चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां: चुनाव आयोग के भीतर से ही SIR प्रक्रिया को लेकर 4 प्रमुख सवाल उठाए गए हैं:

    1. फॉर्म-6 में बदलाव: नए मतदाताओं से पिछली SIR लिस्ट में नाम होने की जानकारी मांगने पर सवाल खड़ा किया गया।

    2. डेटाबेस का केंद्रीकरण: वोटर डेटाबेस पर दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय का नियंत्रण बढ़ने और राज्यों की पहुँच सीमित होने पर आपत्ति जताई गई।

    3. पश्चिम बंगाल की अपीलों पर सवाल: राज्य में हटाए गए नामों को लेकर आई 16 लाख अपीलों की स्थिति पूछी गई।

    4. गोवा का सॉफ्टवेयर मुद्दा: सॉफ्टवेयर में आई खराबी के कारण 97 योग्य मतदाताओं को सूची में न जोड़ पाने का मुद्दा भी उठा।

  • फॉर्म-6 से 2003 की शर्त हटी: चौतरफा विरोध के बाद चुनाव आयोग ने उन राज्यों में फॉर्म-6 से 2003 की वोटर लिस्ट का अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया है जहाँ SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब नए आवेदकों को 2003 की लिस्ट में माता-पिता या दादा-दादी का नाम देना अनिवार्य नहीं होगा।

3. मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन और CJP का अल्टीमेटम

  • शिवाजी पार्क में विरोध: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का आयोजन किया।

  • दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा नहीं दिया, तो अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल आंदोलन शुरू किया जाएगा।