उज्जैन: सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की; पुलिस का लाठीचार्ज, 15 हिरासत में

उज्जैन:

आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के सिलसिले में उज्जैन के कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक डेढ़ किलोमीटर सड़क के 15 मीटर चौड़ीकरण का कार्य जारी है। इस प्रोजेक्ट के तहत मार्ग में आने वाले 323 निर्माणों को चिन्हित किया गया था, जिनमें 15 धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। प्रशासन द्वारा अब तक 12 धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है।

हाल ही में क्षत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के सड़क की जद में आ रहे करीब 9 फीट लंबे और 4 फीट चौड़े हिस्से (लगभग 10% से कम निर्माण) को हटाने को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर बेंच) ने मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने से जुड़ी राहत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य जारी रहेगा और पूर्व में जारी आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि नगर निगम और मस्जिद कमेटी के बीच सहमति से कार्य कराया जा रहा है तथा मस्जिद प्रशासन स्वयं प्रभावित हिस्से को हटाने में सहयोग कर रहा है।

विरोध, पथराव और पुलिस की कार्रवाई

सोमवार सुबह मस्जिद के प्रभावित भाग को हटाए जाने के दौरान विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जो बाद में पथराव में बदल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

  • सुरक्षा एवं गिरफ्तारियां: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में आरएएफ (RAF) और पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस ने अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है और माहौल बिगाड़ने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में 7 लोगों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

  • नेताओं की हिरासत: एआईएमआईएम (AIMIM) के मध्य प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान को उज्जैन जाते समय रास्ते में पुलिस ने हिरासत में लिया।

  • बाजार बंद: सुरक्षा कारणों से छत्री चौक, सती गेट, सराफा, ढाबा रोड और गोपाल मंदिर के आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं निजी स्कूल बंद रहे।

प्रशासन और धर्मगुरुओं का पक्ष

  • शहर काजी की अपील: उज्जैन के शहर काजी खलीकुर्रे रहमान ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला सहमति से सुलझाया जा चुका है।

  • प्रशासनिक रुख: उज्जैन कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) के अनुसार, अधिकांश निर्माण सहमति से हटाए जा रहे हैं और उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जा रहा है। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।