छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से पहले फिर बदलेगा मौसम

रायपुर-दुर्ग समेत कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा, सरगुजा संभाग में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश के अलावा अचानक तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

12 जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी स्थिति भी बन सकती है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

सरगुजा संभाग में भी बारिश के आसार

उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चलने का अनुमान है।

दुर्ग सबसे गर्म, अंबिकापुर-पेंड्रारोड सबसे ठंडे

प्रदेश में तापमान की स्थिति की बात करें तो दुर्ग 31.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं अंबिकापुर और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के चलते आने वाले दिनों में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

महादेवघाट पुल से आवागमन बहाल

बीते दिनों हुई बारिश के बाद नदी-नालों में बढ़ा पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है। रायपुर के महादेवघाट पुल से भी आवागमन दोबारा शुरू हो गया है। अमलेश्वर की ओर जाने वाला यह मार्ग पिछले दो दिनों से पानी बढ़ने के कारण बंद था।

पानी का स्तर कम होने के बाद रास्ते को फिर से आवागमन के लिए खोल दिया गया है।

गणेश विसर्जन के लिए महादेवघाट में सीमित प्रवेश

महादेवघाट में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए प्रशासन ने प्रवेश व्यवस्था को सीमित रखा है। विसर्जन स्थल पर फिलहाल केवल गणेश उत्सव समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और विसर्जन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो।

उफनते नदी-नालों में 12 लोग बहे, 3 की मौत

प्रदेश में बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोगों के बहने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 3 लोगों की मौत हो गई। लगातार बारिश के बाद नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण हादसों का खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग की ओर से बारिश और तेज हवा की संभावना को देखते हुए लोगों से नदी, नाले और अन्य जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।