बिहान की दीदियां देंगी आत्मनिर्भरता और सामूहिक एकजुटता का संदेश
जिले में बिहान योजना से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में महिला समूहों ने ‘आशीर्वाद का दीया’ नाम से एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल के माध्यम से महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के साथ सामूहिक एकजुटता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया जाएगा।
अभियान के तहत जिलेभर में करीब 13 हजार संभावित दीदियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही लगभग 17 हजार शेष समूह सदस्यों के घरों में आटे से तैयार हस्तनिर्मित दीये प्रज्ज्वलित करने का संकल्प लिया गया है।
17 सितंबर की शाम एक साथ जगमगाएंगे घर-आंगन
‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत 17 सितंबर 2026 को शाम 7 बजे बिहान से जुड़ी महिलाएं अपने घरों के आंगन में स्वयं तैयार किए गए आटे के दीये जलाएंगी। संकुल संगठन स्तर पर भी सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।
जिले के अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों में एक ही समय पर हजारों दीयों के प्रज्ज्वलित होने से महिला समूहों की सहभागिता और सामुदायिक एकता का संदेश सामने आएगा। यह अभियान ग्रामीण महिलाओं को एक साझा उद्देश्य के साथ जोड़ने का माध्यम भी बनेगा।
अपने हाथों से बनाएंगी दीये, आत्मनिर्भरता का संदेश
अभियान की खासियत यह है कि महिलाएं बाजार से तैयार दीये खरीदने के बजाय आटे से स्वयं हस्तनिर्मित दीये तैयार करेंगी। इसके जरिए स्थानीय संसाधनों के उपयोग, रचनात्मकता और अपने हुनर पर भरोसे का संदेश दिया जाएगा।
महिलाओं के हाथों से तैयार किया गया यह छोटा-सा दीया उनके श्रम, कौशल और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनेगा। अभियान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि स्थानीय संसाधनों और सामूहिक प्रयासों के जरिए भी सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।
13 हजार संभावित दीदियों को समूहों से जोड़ने का प्रयास
बिहान से जुड़ी महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी के साथ करीब 13 हजार संभावित दीदियों को अभियान से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को सामुदायिक गतिविधियों में सहभागी बनाना और स्व-सहायता समूहों की सामूहिक शक्ति से जोड़ना है।
वहीं, करीब 17 हजार अन्य समूह सदस्यों के घरों तक ‘आशीर्वाद का दीया’ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे जिले के विभिन्न गांवों में एक साथ सहभागिता और एकजुटता का वातावरण तैयार होगा।
एक दीया, आत्मनिर्भरता और एकजुटता का संदेश
‘आशीर्वाद का दीया’ केवल दीप प्रज्ज्वलन तक सीमित पहल नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, आपसी सहयोग और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास है।
17 सितंबर की शाम जब जिले के हजारों घरों के आंगन में महिलाओं के हाथों से तैयार दीये एक साथ रोशन होंगे, तो यह बिहान की दीदियों के सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच का संदेश देगा। पहल का मूल भाव यही है कि अपने हाथों से तैयार किया गया एक छोटा-सा दीया भी सामूहिक प्रयास से बदलाव की बड़ी रोशनी बन सकता है।
