महिला एवं बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश

रायगढ़। छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने रायगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, विधिक सहायता और जरूरतमंद महिलाओं एवं बच्चों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान तथा उनके अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब विभागीय अधिकारी और मैदानी अमला आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

अध्यक्ष ने महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सहायता, संरक्षण और उचित मार्गदर्शन मिलना चाहिए। साथ ही बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं, बाल संरक्षण व्यवस्था, महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, संरक्षण एवं परामर्श सेवाओं सहित विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली गई।

डॉ. ममता साहू ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि मैदानी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक सरकारी सहायता प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा योजनाओं के लाभ में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला परियोजना अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, महिला संरक्षण अधिकारी चौताली राय, केंद्र प्रशासक निहारिका पटनायक, जिला पंचायत सभापति महिला एवं बाल विकास सुषमा खलको, एमआईसी महिला एवं बाल विकास त्रिवेणी डहरे सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।