शिक्षक दिवस पर 68 शिक्षकों का होगा राज्य शिक्षक सम्मान, चार को मिलेगा स्मृति पुरस्कार

रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के 68 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य और नवाचार के लिए चयनित शिक्षकों में से चार को विशेष स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। सम्मान समारोह 5 सितंबर को सुबह 11 बजे रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित होगा।

समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य शिक्षक सम्मान के लिए प्राचार्य, प्रधान पाठक, व्याख्याता, सहायक शिक्षक सहित शिक्षा विभाग की विभिन्न श्रेणियों से शिक्षकों का चयन किया गया है।

प्रदेश के कई जिलों से शिक्षक चयनित

राज्य शिक्षक सम्मान के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें रायपुर, धमतरी, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, सरगुजा, बस्तर, दंतेवाड़ा, जशपुर और कोरबा सहित अन्य जिले शामिल हैं। चयनित शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

चार साहित्यकारों की स्मृति में दिए जाएंगे पुरस्कार

राज्य सरकार की ओर से हर वर्ष प्रदेश के चार प्रतिष्ठित साहित्यकारों और विद्वानों की स्मृति में राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चार शिक्षकों को इन पुरस्कारों के लिए चुना गया है।

ये पुरस्कार डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी, गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. मुकुटधर पांडेय और बलदेव प्रसाद मिश्र की स्मृति में प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित शिक्षक को 50-50 हजार रुपये की सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

4 सितंबर को रायपुर पहुंचना अनिवार्य

सम्मान समारोह में शामिल होने वाले चयनित शिक्षकों को 4 सितंबर की सुबह 8 बजे तक एससीईआरटी, शंकर नगर स्थित गेस्ट हाउस पहुंचना होगा। इसी दिन सुबह 11 बजे छत्तीसगढ़ मंडपम में समारोह की रिहर्सल आयोजित की जाएगी। विभाग ने सभी चयनित शिक्षकों के लिए रिहर्सल में उपस्थित रहना अनिवार्य किया है।

विभाग के निर्देश के अनुसार शिक्षकों के साथ आने वाले परिजनों या अन्य लोगों के ठहरने की व्यवस्था नहीं की जाएगी। साथ ही उन्हें लोकभवन परिसर में प्रवेश की अनुमति भी नहीं होगी। 4 और 5 सितंबर को समारोह में शामिल होने वाले शिक्षकों से शालीन एवं गरिमापूर्ण पोशाक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।