‘ज्ञानगुड़ी’ ने बदली बस्तर के विद्यार्थियों की राह, चार छात्रों को पहले ही चरण में मिली MBBS सीट

जगदलपुर, 31 अगस्त 2026। बस्तर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल ‘ज्ञानगुड़ी’ लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इस निशुल्क कोचिंग संस्थान के चार विद्यार्थियों ने नीट काउंसलिंग के पहले चरण में ही शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश हासिल कर अपनी मेहनत का परिणाम सामने रखा है।

कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञानगुड़ी के सफल विद्यार्थियों में समीर मरकाम और गीतेश्वरी सलाम का चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज डिमरापाल, जगदलपुर के लिए हुआ है। वहीं कृष्णा सेन को कांकेर मेडिकल कॉलेज और खुशबू बिस्वास को पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में एमबीबीएस सीट मिली है।

सफल छात्रों को कलेक्टर ने दी बधाई

नीट काउंसलिंग में सफलता मिलने के बाद चारों विद्यार्थी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर आकाश छिकारा से मुलाकात की। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता के लिए ज्ञानगुड़ी में मिले मार्गदर्शन और नियमित शैक्षणिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उच्च शिक्षा के दौरान डिजिटल अध्ययन सामग्री में मदद के उद्देश्य से उन्होंने चारों विद्यार्थियों को टैबलेट भी प्रदान किए।

इस अवसर पर आकाश छिकारा ने विद्यार्थियों, उनके शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे बस्तर लौटकर अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा में योगदान दें। उन्होंने कहा कि बस्तर से मिले अवसर और समाज के सहयोग को आगे चलकर समाज को वापस देने की भावना युवाओं में विकसित होनी चाहिए।

90 में से 50 छात्रों ने पास की NEET परीक्षा

ज्ञानगुड़ी के विद्यार्थियों ने इस वर्ष नीट परीक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। संस्थान में अध्ययनरत 90 विद्यार्थियों में से 50 ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। इनमें चार विद्यार्थियों ने काउंसलिंग के पहले ही चरण में एमबीबीएस की सीट हासिल कर ली।

इस सफलता को ज्ञानगुड़ी के शैक्षणिक मॉडल और विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत का परिणाम माना जा रहा है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह केंद्र संचालित किया जा रहा है।

कलेक्टर के मार्गदर्शन से मजबूत हुई तैयारी

सफल विद्यार्थियों ने बताया कि पूरे वर्ष कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी को लेकर दिए गए व्यावहारिक सुझाव उनके लिए काफी उपयोगी रहे। कलेक्टर नियमित रूप से ज्ञानगुड़ी केंद्र का दौरा करते रहे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, तैयारी और भविष्य की योजनाओं को लेकर मार्गदर्शन देते रहे।

उन्होंने अपने अध्ययन तथा यूपीएससी की तैयारी के अनुभवों को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। इससे छात्रों को परीक्षा की रणनीति बनाने, समय प्रबंधन और निरंतर अध्ययन के लिए प्रेरणा मिली।

इस उपलब्धि से ज्ञानगुड़ी में अध्ययनरत अन्य विद्यार्थियों का भी आत्मविश्वास बढ़ा है। बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी शिक्षा उपलब्ध कराने की यह पहल अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी प्रभावी परिणाम देने लगी है।

कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना, ज्ञानगुड़ी प्रभारी अलेक्जेंडर एम. चेरियन, जी. श्रीनिवास राव, मनीष श्रीवास्तव और संजीव बिस्वास उपस्थित रहे।