रक्षा बंधन पर बहनों को मुफ़्त सिटी बस यात्रा की सुविधा देना भूला रायपुर नगर निगम
रायपुर। रक्षा बंधन के पर्व पर कोई भी बहन अपने भाई को राखी बांधने से वंचित न रह जाए,इसके लिए देश के कई राज्यों की शहरी सरकारों ने अपने नगर निगमों द्वारा संचालित सिटी बसों में बहनों के लिए एक दिन की यात्रा निःशुल्क किए जाने की घोषणा की है।दूसरी ओर लगभग एक दशक से रक्षाबंधन पर बहनों को निःशुल्क आवागमन की सुविधा देता आ रहा रायपुर अपनी लापरवाही से बहनों को मुफ़्त यात्रा की यह सुविधा देना ही भूल गया ।
बता दें ,देश के कई राज्यों ने इस बार भी रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सौगात दी है,इनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और ओडिशा प्रमुख हैं। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को रोडवेज के साथ-साथ शहर की बसों में भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। इसके अलावा एक सहयात्री को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की गई है।हरियाणा में महिलाओं के साथ 15 वर्ष तक के बच्चों को भी निर्धारित अवधि में बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। बिहार में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है।राजस्थान में राजस्थान रोडवेज की बसों में महिलाओं के लिए 48 घंटे तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है।उत्तराखंड में भी रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए राज्य परिवहन की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा की घोषणा की गई है।वहीं ओडिशा में महिलाओं के लिए ‘आमा बस’ में रक्षाबंधन के दिन मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। यह सुविधा भुवनेश्वर, कटक, पुरी, राउरकेला, संबलपुर, बरहमपुर और क्योंझर सहित प्रमुख शहरों में लागू की गई है।इसके अलावा महाराष्ट्र के नागपुर शहर में नगर निगम की ‘आपली बस’ सेवा में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एक दिन मुफ्त यात्रा की सुविधा घोषित की गई है।
रायपुर शहरी क्षेत्र में संचालित सिटी बसों में बहनों को भाइयों तक पहुंचने में यात्रा व्यय बाधा न बने और महिला शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने पिछले एक दशक से रक्षा बंधन पर बहनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा नगर निगम देता रहा है । कोरोना काल में जब सिटी बसों का संचालन स्थगित था उस दौर को छोड़कर अमूमन हर रक्षाबंधन में बहनों को यह निःशुल्क यात्रा की सुविधा रायपुर में मिलती रही है । अब जबकि बसों का नियमित संचालन शुरू हो गया है और रायपुर की कमान महिला महापौर के हाथों में है,ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही से सैकड़ों महिलाओं को इस सुविधा का लाभ इस रक्षाबंधन में मिलेगा,इस पर संदेह है ।
