कवर्धा में 171 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, विजय शर्मा ने कहा—प्रतिभा को अवसर मिले तो सफलता की नई ऊंचाइयां तय होती हैं
कवर्धा। मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 171 विद्यार्थियों के लिए पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह प्रेरणादायी अवसर बना। कक्षा 10वीं और 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने प्रोत्साहन राशि के चेक और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि कवर्धा के साथ-साथ वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मान का अवसर मिला। पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं होती। उचित प्रोत्साहन और अवसर मिलने पर दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अपनी क्षमता के बल पर नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद
समारोह के दौरान विजय शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ खुलकर संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, उनकी रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा उनके सवालों का जवाब देकर उनका उत्साह बढ़ाया। विद्यार्थियों को प्रेरक पुस्तकें भी भेंट की गईं, ताकि उनमें अध्ययन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिले।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ सेल्फी लेकर उनके साथ खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम की एंकर अनुराधा दुबे ने भी अपनी प्रेरक प्रस्तुतियों और उत्साहवर्धक बातों से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षकों के बीच उत्साह का माहौल रहा।
10वीं के विद्यार्थियों को 5 हजार और 12वीं के विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
सम्मान समारोह में कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को 5 हजार रुपये तथा कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही सभी चयनित विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धि में योगदान देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों और शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्षों को भी सम्मानित किया गया। इस पहल से विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शकों और शिक्षण संस्थानों के योगदान को भी सम्मान मिला।
‘जो करना है, पूरे मन से करो’
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि जीवन में जिस लक्ष्य को हासिल करना है, उसके लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मन में किसी सकारात्मक लक्ष्य का विचार हो तो उसे पूरा करने का प्रयास पूरी ताकत से करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सफलता के रास्ते में संसाधनों की कमी को बाधा नहीं बनने देना चाहिए। लक्ष्य के प्रति दृढ़ इच्छा, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से भी आगे ले जा सकती है।
युवाओं को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुछ ऐसी प्रवृत्तियां भी सक्रिय हैं, जो युवाओं के भीतर आक्रोश और नकारात्मकता पैदा करने का प्रयास करती हैं। युवाओं को ऐसी बातों से सावधान रहते हुए अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाना चाहिए।
राष्ट्र और समाज के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका अहम
विजय शर्मा ने कहा कि युवाओं के भीतर ऊर्जा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। इस ऊर्जा का इस्तेमाल समाज की बेहतरी और देश के विकास में होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव रखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा हमेशा सामूहिक कल्याण और राष्ट्रहित को महत्व देने की रही है। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहते हुए युवाओं को देश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी रुचि के क्षेत्र की पहचान करें और उस क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करें। सफलता के लिए कोई छोटा रास्ता नहीं होता, बल्कि निरंतर प्रयास ही व्यक्ति को आगे ले जाता है।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, उप मुख्यमंत्री ने साझा किए अनुभव
समारोह में विद्यार्थियों को सीधे सवाल पूछने का अवसर भी मिला। कक्षा 12वीं के विद्यार्थी राकेश जांगड़े ने पूछा कि विद्यार्थी जीवन में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए परीक्षा की तैयारी पहले से करने पर अधिक जोर देना चाहिए या प्रथम आने का लक्ष्य रखना चाहिए।
जवाब में विजय शर्मा ने कहा कि पढ़ाई के दौरान कक्षा में शिक्षक द्वारा समझाई जा रही बातों को ध्यानपूर्वक सुनना सबसे जरूरी है। केवल विषय को रटने के बजाय उसकी मूल अवधारणा को समझने पर ध्यान देना चाहिए। जब विषय की समझ मजबूत होगी, तब विद्यार्थी किसी भी प्रश्न का उत्तर आत्मविश्वास के साथ दे पाएगा।
कक्षा 10वीं की छात्रा मृदुला श्रीवास्तव ने पूछा कि जब विज्ञान की पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे, तब आगे बढ़ने के लिए क्या किया जा सकता है। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि संसाधनों की कमी को कभी भी सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं बनने देना चाहिए। सीमित साधनों के बावजूद लगन और निरंतर प्रयास के माध्यम से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षकों का सम्मान करने और कक्षा में पढ़ाई के दौरान पूरी एकाग्रता बनाए रखने की सलाह भी दी।
विद्यार्थियों के साथ गुरुजनों का भी सम्मान
विजय शर्मा की पहल पर आयोजित इस समारोह में केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों को ही सम्मान नहीं मिला, बल्कि उनकी सफलता में योगदान देने वाले प्राचार्यों और शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्षों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, रामकिंकर वर्मा, निर्मल द्विवेदी, हरीश लुनिया, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, डीएफओ निखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक, पालक, विद्यार्थी और शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह ने विद्यार्थियों को सम्मान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि मेहनत, प्रतिभा और सही दिशा में किए गए प्रयास से वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
