गोठानों की व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मीनल चौबे ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर। गौवंश की सुरक्षा और गोठानों की व्यवस्थाओं को लेकर रायपुर नगर निगम में आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और नियमित मैदानी निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोठानों की व्यवस्था केवल सरकारी रिकॉर्ड और रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव मौके पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोठानों में गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, शेड, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध रहे। बारिश के मौसम को देखते हुए गोठानों की निगरानी और भी गंभीरता से करने को कहा गया।

हर 15 दिन में होगा गोठानों का निरीक्षण

मीनल चौबे ने निर्देश दिए कि बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी प्रत्येक गोठान का कम से कम 15 दिन में एक बार भौतिक निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लें और गौवंश की वास्तविक संख्या, गोठान की क्षमता, पानी, चारा, शेड, साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की स्थिति की जांच करें।

उन्होंने निरीक्षण के बाद फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। महापौर ने स्पष्ट किया कि केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को पर्याप्त नहीं माना जाएगा। वास्तविक स्थिति की पुष्टि मौके पर जाकर करना अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

गोठान की क्षमता और गौवंश की संख्या का होगा मिलान

महापौर ने प्रत्येक गोठान की स्वीकृत क्षमता और वहां मौजूद गौवंश की संख्या का नियमित मिलान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गोठान में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक गौवंश न रखा जाए।

गौवंश को गोठान में लाने, रखने और उनकी देखभाल से संबंधित रजिस्टर, प्राप्ति रसीद, बिल तथा अन्य दस्तावेजों की भी जांच करने को कहा गया। यदि किसी स्तर पर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन, रिकॉर्ड में अनियमितता अथवा क्षमता से अधिक गौवंश के आधार पर भुगतान जैसी स्थिति सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतों की मौके पर जाकर होगी जांच

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी संस्था या व्यक्ति की ओर से गोठान की व्यवस्था को लेकर शिकायत अथवा पत्र प्राप्त होने पर उसे केवल फाइल में दर्ज कर कार्रवाई पूरी न मानी जाए। संबंधित शिकायत में बताए गए तथ्यों की स्थल पर जाकर जांच की जाए और वास्तविक स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत की सत्यता की जांच करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है और आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के मालिकों की होगी पहचान

शहर की सड़कों पर खुले में घूमने वाले गौवंश को लेकर भी महापौर ने अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे पशुओं के मालिकों की पहचान के लिए व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जाए।

मालिक की पहचान होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुले में छोड़ने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर खुले मवेशियों के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है, इसलिए नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।

अस्थायी व्यवस्था के बजाय स्थायी समाधान पर जोर

मीनल चौबे ने अधिकारियों से कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारी केवल उपलब्ध बजट का उपयोग करने तक सीमित नहीं है। शहर की वास्तविक आवश्यकताओं को समझकर ऐसी योजनाएं तैयार करना जरूरी है, जिनसे लंबे समय तक नागरिकों और गौवंश दोनों को लाभ मिले।

उन्होंने गोठानों में शेड, पानी, चारा, स्वच्छता और पशु उपचार जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग के साथ समन्वय कर ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

महापौर ने कहा कि बार-बार अस्थायी इंतजाम करने के बजाय गोठानों की अधोसंरचना को मजबूत किया जाए, ताकि बारिश, गर्मी और अन्य मौसमों में गौवंश को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश

महापौर ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की व्यवस्थाओं का सही आकलन केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट देखने से नहीं हो सकता। अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर समस्याओं को समझना और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करनी होगी।

उन्होंने विशेष रूप से बारिश के दौरान गोठानों की स्थिति पर नजर रखने, जलभराव, शेड, चारा और पेयजल जैसी समस्याओं की तत्काल पहचान करने तथा उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

मीनल चौबे ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि गौवंश की सुरक्षा, गोठानों की उचित व्यवस्था और नगर निगम के संसाधनों के पारदर्शी उपयोग में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब कार्यों का मूल्यांकन कागजी रिपोर्ट से नहीं, बल्कि मौके पर दिखाई देने वाले परिणामों के आधार पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि गोठानों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना और शहर की सड़कों को खुले मवेशियों से सुरक्षित रखना नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से काम करें और तय समय-सीमा में व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करें।