मुंगेली में विकास कार्यों की समीक्षा पर डिप्टी सीएम साव सख्त, लापरवाही पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

मुंगेली। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने मुंगेली जिले में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर आम नागरिकों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने विभागवार योजनाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।

समयसीमा और गुणवत्ता से समझौता नहीं

श्री साव ने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करें और निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ निर्धारित समयसीमा का भी परीक्षण करते रहें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। लापरवाही सामने आने पर संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाए।

धीमी प्रगति पर अधिकारियों की भी होगी जवाबदेही

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता अथवा लगातार धीमी प्रगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके विरुद्ध निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता से जुड़े विकास कार्यों को गति देना है। इसलिए अधिकारी अपने-अपने विभागों की योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और समस्याओं का समय रहते निराकरण सुनिश्चित करें।

मैदानी निगरानी बढ़ाने के निर्देश

श्री साव ने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्यालयीन समीक्षा के बजाय नियमित रूप से मैदानी स्तर पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का अंतिम उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारी पूरी गंभीरता से कार्य करें।