राजगुरु की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया नमन, कहा—उनका बलिदान युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत

रायपुर, 24 अगस्त 2026। महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी शिवराम हरि राजगुरु की जयंती पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया और देश की आजादी के लिए उनके योगदान को नमन किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि राजगुरु उन महान क्रांतिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने स्वतंत्रता को अपने जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य बनाया। उनका अदम्य साहस, देश के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ स्मरण किया जाता रहेगा।

भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर लड़ा आजादी का संघर्ष

ओपी चौधरी ने कहा कि राजगुरु ने भगत सिंह और सुखदेव जैसे क्रांतिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। युवावस्था में ही उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि राजगुरु का जीवन इस बात का उदाहरण है कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए युवा पीढ़ी किस तरह अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश के लिए समर्पित हो सकती है।

त्याग और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है राजगुरु का जीवन

वित्त मंत्री ने कहा कि राजगुरु की जयंती केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों को आत्मसात करने का भी अवसर है, जिनके लिए उन्होंने अपना जीवन न्योछावर किया।

उन्होंने कहा कि साहस, अनुशासन, त्याग और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना राजगुरु के जीवन से मिलने वाली महत्वपूर्ण प्रेरणाएं हैं। उनके जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान ने देश को स्वतंत्रता की राह दिखाई।

नई पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत

ओपी चौधरी ने कहा कि स्वतंत्र भारत की आजादी के पीछे असंख्य ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और बलिदान रहा है। आज की पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि देश के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत हो।

उन्होंने कहा कि शिवराम हरि राजगुरु का राष्ट्रप्रेम और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उनकी जयंती पर देश के लिए उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्होंने उन्हें पुनः श्रद्धांजलि अर्पित की।