पैरा खिलाड़ी लक्की यादव का सम्मान, समावेशी स्पोर्ट्स एकेडमी की मांग पर डिप्टी सीएम साव ने दिया भरोसा
महासमुंद। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महासमुंद में नई पहल की उम्मीद जगी है। उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने राज्य खेल अलंकरण 2025-26 के लिए चयनित पैरा खिलाड़ी लक्की यादव को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
शनिवार को महासमुंद प्रवास के दौरान कलेक्टर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला पैरा स्पोर्ट्स संघ के अध्यक्ष निरंजन साहू और खिलाड़ी लक्की यादव तथा राजीव पांडे मौजूद रहे। लक्की यादव के राज्य खेल अलंकरण के लिए चयन पर उपमुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना की और खेल के क्षेत्र में आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
दिव्यांग और सामान्य खिलाड़ियों के लिए एक मंच की मांग
जिला पैरा स्पोर्ट्स संघ की ओर से दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर और प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया। इसमें समावेशी खेल अकादमी शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें दिव्यांग और सामान्य खिलाड़ी एक साथ प्रशिक्षण ले सकें।
संघ ने अकादमी को आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों स्वरूपों में संचालित करने का सुझाव दिया। मांग पत्र में खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास, पौष्टिक आहार, प्रशिक्षण सुविधाओं और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने की मांग की गई।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मांग पत्र पर सकारात्मक रुख जताते हुए इसे पूरा करने की दिशा में आवश्यक पहल का आश्वासन दिया।
तीरंदाजी खिलाड़ियों से मिले डिप्टी सीएम
महासमुंद प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया तीरंदाजी सेंटर, एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों से बातचीत की और उनके खेल अनुभव तथा अभ्यास के बारे में जानकारी ली।
श्री साव ने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें खेल किट वितरित किए। उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की।
60 खिलाड़ी कर रहे तीरंदाजी का अभ्यास
एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग में संचालित खेलो इंडिया तीरंदाजी सेंटर में वर्तमान में करीब 60 खिलाड़ी नियमित रूप से तीरंदाजी का अभ्यास कर रहे हैं। सेंटर में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के साथ उनकी खेल प्रतिभा को प्रतियोगिताओं के अनुरूप विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और धैर्य जरूरी है। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर प्रदेश और देश स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया।
अधिकारियों और प्रशिक्षकों की मौजूदगी
इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर रवि साहू, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे, एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग के प्राचार्य महेंद्र टंडन, एनआईएस तीरंदाजी प्रशिक्षक एवन कुमार साहू, व्यायाम शिक्षक नीलम साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पैरा खिलाड़ियों के लिए बेहतर खेल सुविधाएं विकसित करने के साथ जिले में तीरंदाजी जैसे खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई।
