देश में मानसून का कहर: प्रयागराज के रिहाइशी इलाकों में भरा 3 फीट पानी, नैनीताल-रामनगर में ऑरेंज अलर्ट जारी
प्रयागराज (17 अगस्त 2026): उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मानसून की भारी बारिश और बाढ़ का प्रकोप लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक नदियां उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
प्रयागराज: निचले इलाकों में घुसा पानी, नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (संगम नगरी) में मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। निचले रिहाइशी इलाकों और कई कॉलोनियों में 2 से 3 फीट तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
-
गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा: पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
-
तटबंधों और निचले इलाकों पर निगरानी: हालांकि नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तटीय क्षेत्रों और निचले मोहल्लों में सतर्कता बढ़ा दी है।
उत्तराखंड: नैनीताल और रामनगर में ‘ऑरेंज अलर्ट’
उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर बना हुआ है।
-
ऑरेंज अलर्ट जारी: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नैनीताल, रामनगर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
-
भूस्खलन का खतरा: लगातार हो रही बारिश से राष्ट्रीय राजमार्गों और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) तथा चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर हैं।
