चीनी टैरिफ चोरी पर अमेरिका का कड़ा रुख: 40 से अधिक देशों की जारी की सूची, भारत का नाम भी शामिल

वाशिंगटन/नई दिल्ली (UPI24 News): अमेरिका ने चीनी सामान पर लगाए गए भारी टैरिफ (शुल्क) की चोरी रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने ‘द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम’ (The Great Transshipment Scam) शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दुनिया के 40 से अधिक देशों पर चीन के सामान को री-रूट (मार्ग बदलकर) कर अमेरिका भेजने और टैरिफ से बचाने में मदद करने के आरोप लगाए गए हैं। 

कैसे होती है टैरिफ की चोरी?

व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा चीनी उत्पादों पर लगाए गए भारी शुल्कों से बचने के लिए चीनी कंपनियां अन्य देशों (थर्ड कंट्रीज) का सहारा ले रही हैं। चीनी उत्पादों को पहले भारत या अन्य 40 देशों में भेजा जाता है, जहां उनकी हल्की पैकेजिंग, री-लेबलिंग या मामूली असेंबलिंग (Screwdriver operations) कर उन्हें नया देश (Country of Origin) बताकर अमेरिकी बाजारों में निर्यात कर दिया जाता है। 

AI तकनीक ‘डिटेक्टिव बॉर्डर’ से रखी जाएगी नजर

 अमेरिका ने घोषणा की है कि वह अवैध ट्रांसशिपमेंट और टैरिफ चोरी को पकड़ने के लिए ‘डिटेक्टिव बॉर्डर’ (Detective Border) नामक एक एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम तैनात करने जा रहा है। यह तकनीक शिपमेंट डेटा, रूटिंग हिस्ट्री, प्रोडक्ट वर्गीकरण और ओनरशिप लिंक का विश्लेषण करके फर्जीवाड़ा करने वाले निर्यातकों की पहचान करेगी और उन पर भारी जुर्माना व प्रतिबंध लगाएगी।