रायपुर: कर्तव्यनिष्ठ होकर जनसेवा एवं सुशासन के लिए जमीनी स्तर पर करें बेहतर कार्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य जनसेवा, सुशासन और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय, व्यवहार और कार्यशैली से आम नागरिक का शासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को अपनी कार्यशैली का आधार बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करते समय जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समयबद्ध समाधान करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वर भूमि और ऊर्जा क्षमता का बेहतर उपयोग कर प्रदेश को विकसित बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा जनविश्वास के कारण प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि उन्हें विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। ऐसे क्षेत्रों में केवल प्रशासनिक दायित्व निभाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की भावना के साथ कार्य करना भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना तथा ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भूमि, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों में लोगों को समय पर राहत मिलना अत्यंत आवश्यक है। कई बार अधिकारी की छोटी-सी पहल भी किसी परिवार की बड़ी समस्या का समाधान बन सकती है। इसलिए प्रत्येक प्रकरण को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को व्यवहार में विनम्रता और संयम बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। जनता के साथ संवाद और संवेदनशील कार्यशैली ही सुशासन की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी भी ली। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर ने बताया कि वर्ष 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अब सभी सात प्रशिक्षु अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ होकर प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर, संयुक्त संचालक श्रीमती मेनका प्रधान तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।