धमतरी : रुद्रेश्वर धाम से उभर रही धमतरी की नई पहचान, महानदी गंगा आरती और 20 करोड़ की विकास परियोजना से मिलेगा धार्मिक पर्यटन को नया आयाम
August 4, 2026 upi24 news
धमतरी, 4 अगस्त 2026।
सावन माह के प्रथम सोमवार पर धमतरी जिले के रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में इतिहास रचते हुए पहली बार चित्रोत्पला महानदी के पावन तट पर बनारस की तर्ज पर भव्य महानदी गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस अलौकिक आयोजन ने धमतरी को नई आध्यात्मिक पहचान प्रदान करने के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। अब सावन माह के प्रत्येक सोमवार को महानदी गंगा आरती का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा।
धमतरी युवा ब्रिगेड एवं श्री रुद्रेश्वर महादेव परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 108 दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की गूंज और “हर-हर महादेव” तथा “जय मां महानदी” के जयघोष से पूरा महानदी तट भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। दीपों की स्वर्णिम आभा से सजा घाट श्रद्धालुओं को काशी के प्रसिद्ध घाटों का सजीव अनुभव करा रहा था।
रुद्रेश्वर घाट को आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों की श्रृंखलाओं से विशेष रूप से सजाया गया था। संध्या होते ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब घाट पर उमड़ पड़ा। महाआरती से पूर्व विद्याकुंज स्कूल के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम, भगवान शिव एवं भगवान जगन्नाथ की स्तुति में मनमोहक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके पश्चात रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई और वैदिक परंपरा के अनुसार चित्रोत्पला महानदी की गंगा आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की मंगलकामना की गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं पर पवित्र जल का छिड़काव किया गया तथा महाप्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर धमतरी विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री जगदीश रामू रोहरा, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को धमतरी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया तथा महानदी के संरक्षण, सामाजिक समरसता और जनकल्याण की कामना की।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब राज्य शासन द्वारा रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार की गई है। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के माध्यम से प्रस्तावित इस परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का विकास धार्मिक गरिमा, सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के साथ किया जाएगा। तीन चरणों में विकसित होने वाली इस योजना में पारंपरिक भारतीय मंदिर स्थापत्य शैली को संरक्षित रखते हुए भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, मंदिर शिखर, दीप स्तंभ, विशाल नंदी प्रतिमा, तोरण द्वार तथा परिसर के व्यापक सौंदर्यीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
परियोजना के अंतर्गत चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम स्थल, प्रसाद एवं स्मृति केंद्र, फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वास्थ्य केंद्र, एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, सुरक्षित घाट, रेलिंगयुक्त विसर्जन कुंड तथा पर्याप्त बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा उद्यान, सांस्कृतिक मंडप, रिवर फ्रंट कॉटेज, ओपन एयर स्टेज तथा भविष्य में विकसित होने वाली मेरीन ड्राइव जैसी आधुनिक अवधारणाएं रुद्रेश्वर धाम को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।
पर्यावरण संरक्षण को भी इस परियोजना का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। इसके तहत सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, हरित क्षेत्र का विस्तार तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
महानदी गंगा आरती की शुभ शुरुआत और रुद्रेश्वर धाम के समग्र विकास की यह महत्वाकांक्षी योजना मिलकर धमतरी के लिए विकास के नए युग का संकेत दे रही है। यह पहल केवल धार्मिक आयोजन या अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पर्यटन, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता को एक नई दिशा देने का सशक्त प्रयास है। आने वाले वर्षों में रुद्रेश्वर धाम श्रद्धा, संस्कृति और सतत विकास के संगम के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर धमतरी की विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
— एस.आर. पाराशर, उप संचालक
