रायपुर: “महानदी विवाद नहीं, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझा समृद्धि का आधार बने” — दिल्ली बैठक में CM विष्णुदेव साय का बड़ा बयान

रायपुर (UPI24 News)। महानदी जल बंटवारे से जुड़े वर्षों पुराने विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी शामिल हुए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों ही राज्यों की साझा जीवनरेखा है। छत्तीसगढ़ सरकार इस बैठक को किसी विवाद की निरंतरता के रूप में नहीं, बल्कि समाधान की एक नई शुरुआत के रूप में देखती है।

दोनों राज्यों के हित परस्पर पूरक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ओडिशा की सिंचाई, पेयजल और हीराकुंड परियोजना से जुड़ी जरूरतों का पूरा सम्मान करती है। ठीक उसी तरह छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी अंचलों, सूखा प्रभावित क्षेत्रों और भविष्य की विकास आवश्यकताओं को भी समान संवेदनशीलता से देखा जाना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा:

“दोनों राज्यों के हित एक-दूसरे के विरोध में नहीं, बल्कि परस्पर पूरक हैं। समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे किसी भी पक्ष के अधिकार प्रभावित न हों।”

कम बारिश वाले वर्षों के लिए साझा जल प्रबंधन का सुझाव

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव भी दिए:

  • वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर समाधान: विशेषज्ञ जल उपलब्धता का वैज्ञानिक अध्ययन कर चुके हैं, अब उसी आधार पर व्यावहारिक व्यवस्था बनाने की जरूरत है।

  • साझा जल प्रबंधन: कम बारिश (कम वर्षा) वाले वर्षों के लिए एक साझा जल प्रबंधन प्रणाली तैयार की जाए।

  • स्थायी संस्थागत तंत्र: एक ऐसा स्थायी सिस्टम बने जो समय-समय पर जल उपलब्धता और उपयोग की समीक्षा करता रहे।

  • समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया: प्रशासनिक व तकनीकी मुद्दों को आपसी समन्वय से सुलझाया जाए और केवल नीतिगत मामलों को ही मंत्रिस्तरीय चर्चा में लाया जाए।

केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निष्पक्ष तकनीकी सहयोग और समझौते का ड्राफ्ट तैयार करने में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि ‘सहकारी संघवाद’ (Cooperative Federalism) की भावना से ही वर्षों से लंबित ऐसे जटिल मुद्दों का सर्वमान्य समाधान संभव हो पा रहा है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित दोनों राज्यों के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।