रायपुर: भारी बारिश को लेकर CM विष्णुदेव साय सख्त, सभी जिलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के दिए निर्देश

रायपुर (UPI24 News)। प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी रेड एवं येलो अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (SP) और संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को पूरे राज्य में उच्च सतर्कता (हाई अलर्ट) बरतने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और तत्काल एहतियाती कदम

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि:

  • बाढ़ और जलभराव से प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए।

  • संवेदनशील स्थानों की पहचान कर तुरंत एहतियाती कदम उठाए जाएं।

  • आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जाए, ताकि जनहानि को शून्य रखा जा सके।

राहत शिविरों में मिलेंगी सभी मूलभूत सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने हिदायत दी है कि जिला स्तर पर राहत शिविरों की पूर्व तैयारी पूरी रखी जाए। शिविरों में:

  • भोजन, शुद्ध पेयजल, आवश्यक दवाएं और प्राथमिक उपचार।

  • बिजली, स्वच्छता और रहने की बेहतर व्यवस्था।

  • विशेष ध्यान: वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा व जरूरतों का विशेष ख्याल रखा जाए।

NDRF, SDRF और प्रशासनिक टीमें अलर्ट मोड पर

आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और बिजली कंपनी को आपसी समन्वय बनाकर तैयार रहने को कहा है। आपातकालीन स्थिति के लिए नावों, राहत सामग्री और आधुनिक उपकरणों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला और राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम के जरिए जलाशयों के जलस्तर, नदियों-नालों के बहाव और मौसम की पल-पल की समीक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री की आम जनता से अपील

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है:

“मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी गाइडलाइन्स का पालन करें। जलभराव वाले क्षेत्रों, उफान मारती नदियों और पुल-पुलियों के पास अनावश्यक जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम को सूचित करें।”