बस्तर में तिरंगा अभियान: 3 दशकों में पहली बार नक्सल मुक्त घोषित गांवों में फहराया जाएगा तिरंगा

रायपुर/जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में विकास और शांति की एक नई सुबह देखने को मिल रही है। लगभग तीन दशकों (30 साल) में यह पहली बार होने जा रहा है जब बस्तर के उन दूरस्थ गांवों में बड़े पैमाने पर ‘तिरंगा अभियान’ चलाया जा रहा है, जिन्हें हाल ही में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के बाद नक्सल मुक्त घोषित किया गया है।

ऐतिहासिक बदलाव की ओर बस्तर

एक समय जो क्षेत्र वामपंथी उग्रवाद और डर के साये में जीने को मजबूर थे, वहां अब राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा गर्व से लहराएगा। प्रशासन और स्थानीय पुलिस बल द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए जा रहे हैं और देशभक्ति के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

लोकतंत्र और विकास की नई शुरुआत

सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास व विकास नीतियों के कारण बस्तर के अंदरूनी इलाकों में नक्सलियों का प्रभाव समाप्त हो रहा है। हाल ही में नक्सल मुक्त घोषित हुए गांवों में तिरंगा फहराने का यह अभियान न केवल सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह क्षेत्र में लोकतंत्र और मुख्यधारा से जुड़ाव का एक बड़ा संदेश भी दे रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों में भी इस ऐतिहासिक पहल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। अब इन क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने के साथ-साथ सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं।