छात्र प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: कहा— “विरोध की आड़ में पुलिसिया बर्बरता बर्दाश्त नहीं”, सिवान में AK-47 तानने वाला सिपाही निलंबित
नई दिल्ली/पटना (UPI24 News)।
देश भर में नीट (NEET) विवाद और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कड़ी टिप्पणी की है। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि विरोध प्रदर्शनों या कानून-व्यवस्था संभालने की आड़ में पुलिस द्वारा की जाने वाली बर्बरता और अत्यधिक बल प्रयोग को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।
विरोध प्रदर्शन का अधिकार और पुलिस की जवाबदेही
मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने रेखांकित किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार नागरिकों का संवैधानिक हक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हालांकि कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर पुलिस का हिंसक या बर्बर रवैया स्वीकार्य नहीं होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों को हमेशा स्थिति के अनुरूप ही संतुलित कदम उठाने चाहिए।
बिहार के सिवान में बड़ा एक्शन: AK-47 इस्तेमाल करने वाला सिपाही सस्पेंड
दूसरी ओर, बिहार के सिवान (Siwan) में प्रदर्शन के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वहां प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 राइफल का खुलेआम इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों पर तानने की घटना सामने आई।
घटना का वीडियो वायरल होने और व्यापक जनआक्रोश के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
