रायपुर: महतारी वंदन योजना से माताओं और बहनों के जीवन में आया आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर:

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बस्तर के विकास, रोजगार, उद्योग, पर्यटन, सुशासन और राज्य में किए जा रहे सामाजिक सुधारों पर सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से साझा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हम सभी के लिए ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ है। यह माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने वेदों का उल्लेख करते हुए कहा— “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की लगभग 68 लाख 50 हजार विवाहित महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपये सीधे बैंक खातों में दिए जा रहे हैं।

  • अब तक 29 किश्तों के माध्यम से लगभग 18,800 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

  • इस राशि से महिलाएं सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश, सिलाई मशीन की खरीद या किराना/सब्जी की दुकान खोलकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

  • अनुपम उदाहरण: सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव की महिलाओं ने योजना की राशि एकत्र कर भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया है।

इसके अलावा, प्रदेश में 2 लाख 86 हजार महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़कर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

बस्तर में शांति, विकास और रोजगार का नया अध्याय

दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर में अब ऐतिहासिक परिवर्तन हो रहा है:

  • ‘नियद नेल्ला नार’ योजना: इसके तहत 500 से अधिक गांवों तक 17 विभागों की 40 से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

  • स्वास्थ्य परीक्षण: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है।

  • सिंचाई व पर्यटन: इंद्रावती नदी पर देउरगांव एवं मटनार सिंचाई परियोजनाओं से 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी। वहीं नई औद्योगिक नीति के तहत होम-स्टे निर्माण के लिए सब्सिडी व ऋण की सुविधा दी जा रही है।

धर्मांतरण रोधी कानून और समान नागरिक संहिता (UCC)

  • धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026: राज्य में प्रलोभन, दबाव या छलपूर्वक धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़ा कानून लागू कर दिया गया है।

  • UCC समिति: समान नागरिक संहिता के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसकी ठोस प्रगति आगामी शीतकालीन सत्र तक देखने को मिलेगी।

रोजगार और औद्योगिक निवेश

  • पारदर्शी व्यवस्था: पीएससी घोटाले की CBI जांच जारी है और शीघ्र ही 5,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

  • निवेश से रोजगार: नई औद्योगिक नीति के माध्यम से राज्य को पिछले डेढ़ वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।