यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर मर्चेंट शिप पर हमला: 4 भारतीय नाविकों की मौत, भारत सरकार ने जताई कड़ी चिंता
नई दिल्ली: यूक्रेन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ओडेसा बंदरगाह (Odesa Port) के पास एक व्यापारिक पोत (Merchant Vessel) पर हुए भयावह हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त किया है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
भारत सरकार ने जताया विरोध और संवेदना
विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि काला सागर (Black Sea) क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना अत्यंत चिंताजनक है।
-
सुरक्षा पर जोर: भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक पोतों (Commercial Ships) की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
-
परिजनों को सहायता: संबंधित अधिकारियों को मृतक नाविकों के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने और प्रभावित परिवारों को हर संभव कूटनीतिक व वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडेसा बंदरगाह और काला सागर में बढ़ता तनाव
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के दौरान काला सागर और ओडेसा बंदरगाह का क्षेत्र व्यापारिक जहाजों के लिए बेहद संवेदनशील बना हुआ है। हाल के महीनों में कई कमर्शियल जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर तैनात भारतीय और अन्य देशों के नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
