अमेरिका-ईरान तनाव: मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज, अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

तेहरान/वाशिंगटन: मध्य-पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बेहद गंभीर और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर लगातार किए जा रहे हवाई हमलों के बाद, ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले (Kamikaze Drones) दागे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव से पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।

कुवैत स्थित कैंप आरिफजान और अली अल सालेम एयर बेस पर दागी मिसाइलें

ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बयानों के अनुसार, ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे ‘कैंप आरिफजान’ (Camp Arifjan) में HIMARS मिसाइल सिस्टम तथा ‘अली अल सालेम एयर बेस’ (Ali Al Salem Air Base) एवं ‘कैंप उदैरी’ में रडार और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया है।

तनाव बढ़ने के कारण कुवैत में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया है और वहां के ऊर्जा व तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद भड़का ईरान

यह जवाबी कार्रवाई अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) द्वारा दक्षिणी ईरान में तटीय निगरानी केंद्रों, वायु रक्षा प्रणालियों और बुनियादी ढांचे पर लगातार कई रातों से किए जा रहे हमलों के बाद देखने को मिली है। अमेरिका का कहना है कि ये हमले उसके सैनिकों की सुरक्षा और लाल सागर/होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे हैं।

वैश्विक बाजारों में हावी हुई अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

खाड़ी देशों में सीधे सैन्य संघर्ष और तेल व ऊर्जा अवसंरचनाओं पर हमलों की खबरों से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है:

  • कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें: वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दामों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।

  • शेयर बाजारों में गिरावट: वैश्विक शेयर बाजारों (Global Stock Markets) में भारी बिकवाली और अनिश्चितता का माहौल है।

  • सप्लाई चेन प्रभावित: लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के मार्ग बदले जाने से माल ढुलाई (Freight) महंगी हो गई है, जिससे वैश्विक महंगाई दर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।