आपका पैसा: ITR फाइल करने के बाद e-वेरिफिकेशन जरूरी; एक्सपर्ट से जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस और 5 कॉमन गलतियां
हर साल करोड़ों लोग आखिरी तारीख से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते हैं। रिटर्न सबमिट होते ही अमूमन लोगों को लगता है कि उनका काम पूरा हो गया और अब सिर्फ टैक्स रिफंड का इंतजार करना है। लेकिन यहीं पर कई लोग एक सबसे जरूरी स्टेप छोड़ देते हैं, वह है—ITR का e-वेरिफिकेशन।
ITR e-verification process in hindi को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसके बिना आयकर विभाग (Income Tax Department) आपके रिटर्न को प्रोसेस नहीं करता है। यदि आप तय समय-सीमा के भीतर इसे वेरीफाई नहीं करते हैं, तो विभाग आपके ITR को इनवैलिड (अमान्य) भी मान सकता है। एक्सपर्ट सीए अमर जैन (फाउंडर– टैक्स प्रोवाइजर, इंदौर) से जानते हैं इसका पूरा प्रोसेस।
ITR फाइल करने के कितने दिन के भीतर e-वेरिफिकेशन जरूरी?
नियमों के मुताबिक, ITR फाइल करने की तारीख से 30 दिनों के भीतर उसका e-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर आपका रिटर्न अधूरा माना जाएगा और रिफंड की प्रक्रिया अटक जाएगी।
ITR e-वेरिफिकेशन करने के 6 आसान तरीके (Step-by-Step)
आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में नीचे दिए गए तरीकों से अपने रिटर्न का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर सकते हैं:
1. आधार OTP के जरिए (가장 आसान तरीका)
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इनकम टैक्स के ‘e-Filing’ पोर्टल पर लॉग इन करें और e-वेरिफिकेशन ऑप्शन चुनें।
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‘आधार OTP से वेरिफाई’ के विकल्प पर क्लिक करें।
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आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का OTP आएगा, उसे दर्ज कर ‘वैलिडेट’ पर क्लिक करें।
2. नेट बैंकिंग (Net Banking) से
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वेरिफिकेशन के लिए ‘नेट बैंकिंग’ का विकल्प चुनें।
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अपने बैंक अकाउंट में लॉग इन करें और वहां दिए गए लिंक के जरिए सीधे इनकम टैक्स पोर्टल पर रीडायरेक्ट होकर पेंडिंग ITR को वेरीफाई करें।
3. बैंक अकाउंट (EVC) के जरिए
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पोर्टल पर ‘बैंक अकाउंट EVC’ चुनें और इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) जनरेट करें।
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आपके रजिस्टर्ड मोबाइल या ईमेल पर आए कोड को दर्ज करें। (इसके लिए बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड होना जरूरी है)।
4. डीमैट अकाउंट (Demat Account) से
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‘डीमैट अकाउंट EVC’ का विकल्प चुनकर कोड जनरेट करें।
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मोबाइल या ईमेल पर प्राप्त EVC को दर्ज करके वेरिफिकेशन पूरा करें।
5. डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से
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‘डिजिटल सिग्नेचर’ का विकल्प चुनें।
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अपने कंप्यूटर पर ‘emSigner’ सॉफ्टवेयर चलाएं, DSC डिवाइस कनेक्ट करें, पासवर्ड डालें और साइन करें।
6. बैंक ATM से EVC जनरेट करके
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इस सुविधा वाले बैंक के ATM पर जाकर कार्ड स्वाइप करें और PIN डालें।
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‘इनकम टैक्स फाइलिंग के लिए EVC जनरेट करें’ चुनें और मोबाइल पर आए कोड को e-Filing पोर्टल पर दर्ज करें।
e-वेरिफिकेशन के लिए क्या-क्या चीजें हैं जरूरी?
प्रक्रिया शुरू करने से पहले इन चीजों को अपने पास तैयार रखें:
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PAN और आधार लिंक: आपका पैन कार्ड आधार से लिंक होना चाहिए।
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e-Filing क्रेडेंशियल्स: पोर्टल का यूजर आईडी और पासवर्ड।
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एक्नॉलेजमेंट नंबर: आपके फाइल किए गए ITR का नंबर।
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प्री-वैलिडेटेड अकाउंट: बैंक या डीमैट अकाउंट पहले से वैलिडेट होना चाहिए।
e-वेरिफिकेशन करते समय इन 5 कॉमन गलतियों से बचें
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30 दिनों की समय-सीमा भूलना: रिटर्न फाइल करने के बाद वेरिफिकेशन में देरी करना।
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गलत मोबाइल नंबर: आधार या बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर का एक्टिव न होना (जिससे OTP न मिले)।
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अकाउंट प्री-वैलिडेट न होना: बैंक या डीमैट अकाउंट को पोर्टल पर पहले से वैलिडेट न करना।
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मिसमैच डेटा: पैन, आधार या बैंक खाते में नाम और जन्मतिथि का अलग-अलग होना।
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फेल होने पर दोबारा प्रयास न करना: तकनीकी खराबी के कारण वेरिफिकेशन फेल होने पर उसे वैसे ही छोड़ देना।
महत्वपूर्ण टिप्स: यदि किसी तकनीकी कारण से आपका e-वेरिफिकेशन फेल हो जाता है, तो तुरंत दूसरा विकल्प (जैसे नेट बैंकिंग या बैंक EVC) आजमाएं। इसके बाद भी समस्या हल न हो, तो इनकम टैक्स e-Filing पोर्टल के हेल्पडेस्क से संपर्क करें।
