बस्तर में नक्सलवाद का खात्मा, शांति और विकास के नए युग की शुरुआत: सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर, 14 जुलाई 2026:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा में बस्तर की बदलती तस्वीर को लेकर एक ऐतिहासिक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सल हिंसा के साये में रहने के बाद अब बस्तर शांति, सुरक्षा और विश्वास के एक नए दौर की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर तालमेल, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से आज छत्तीसगढ़ इस गंभीर चुनौती से निर्णायक रूप से मुक्त होने की दिशा में है।

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला बल सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों के साहस की जमकर सराहना की।

पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का मिला ऐतिहासिक सहयोग

सदन को संबोधित करते हुए सीएम साय ने कहा:

“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास की एक एकीकृत रणनीति अपनाई है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में लगातार अभियानों की समीक्षा की गई और 24 अगस्त 2024 को रायपुर में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना पर काम शुरू हुआ, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सबके सामने हैं।”

पुनर्वास नीति से मुख्यधारा में लौट रहे भटके हुए लोग

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केवल सुरक्षात्मक कार्रवाई नहीं की, बल्कि एक बेहद मानवीय और व्यापक पुनर्वास नीति भी लागू की है। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा रखने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता, जमीन, कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

‘बस्तर रोडमैप 2.0’ और ‘नियद नेल्ला नार’ से विकास की नई बयार

बस्तर के समग्र और दीर्घकालिक विकास के लिए राज्य सरकार अब ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर काम कर रही है।

  • 39 लाख लोगों को लाभ: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत 5,542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

  • शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा: सुरक्षा शिविरों को अब बहुआयामी सेवा केंद्रों के रूप में तब्दील किया जा रहा है, जहाँ ग्रामीणों को सभी नागरिक सुविधाएं और आजीविका की गतिविधियां एक ही जगह मिलेंगी।

  • डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल: मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया जा चुका है।

आंकड़ों में बस्तर का बदलता स्वरूप

मुख्यमंत्री ने सदन में बस्तर संभाग में सरकारी योजनाओं के सेचुरेशन (संतृप्तिकरण) के आंकड़े भी सामने रखे:

  • राशन कार्ड: 6 लाख 79 हजार परिवारों के राशन कार्ड बनाए गए।

  • जनधन खाते व आयुष्मान: 17 लाख जनधन खाते और 22 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए।

  • प्रधानमंत्री आवास: संभाग में 1 लाख 76 हजार पीएम आवास स्वीकृत हुए हैं, साथ ही नक्सल पीड़ितों व आत्मसमर्पितों के लिए 15 हजार अलग से आवास दिए गए हैं।

  • शिक्षा की वापसी: बस्तर के 240 गांवों में पूर्व में बंद पड़े 458 स्कूलों में से 421 स्कूलों को फिर से शुरू कर दिया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार

बस्तर को देश के प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों से जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही जगदलपुर में हवाई सेवाओं का विस्तार हुआ है और रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जो बस्तर में पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

वक्तव्य के अंत में सीएम साय ने गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव के योगदान की भी सराहना की और कहा कि बस्तर अब समृद्धि की नई राह पर निकल चुका है।