रायपुर: महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी, अब तक महिलाओं के खातों में पहुंचे ₹18,805 करोड़ से अधिक: CM विष्णु देव साय

रायपुर, 13 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ‘महतारी वंदन योजना’ एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में इस योजना का बेहद प्रभावी ढंग से संचालन किया जा रहा है।

11 जुलाई 2026 को योजना की 29वीं किस्त सफलतापूर्वक जारी कर दी गई है, जिसके तहत प्रदेश की लाखों पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।

29 किस्तों में 18 हजार करोड़ से अधिक का सीधा लाभ

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 29 किस्तों के माध्यम से कुल 18,805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी (DBT) के जरिए सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है।

महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मिली नई उड़ान

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक मदद ही नहीं दे रही, बल्कि उनके भीतर यह भरोसा जगा रही है कि वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में बराबर की भागीदार हैं। इस नियमित राशि से महिलाएं अपने बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और बेहतर पोषण पर स्वतंत्र रूप से खर्च कर पा रही हैं।

लाभार्थी महिलाओं की जुबानी, योजना की सफलता की कहानी

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आ रही जमीनी प्रतिक्रियाएं इस योजना की बड़ी सफलता को बयां करती हैं:

  • बालोद जिला: ग्राम बघमरा की श्रीमती देवकी विश्वकर्मा और जामवंती विश्वकर्मा ने बताया कि यह राशि हर महीने उनके परिवार का एक मजबूत सहारा बन चुकी है। वहीं राधिका सोनवानी ने कहा कि इससे वे अपने बच्चों की स्कूल फीस समय पर भर पा रही हैं।

  • जशपुर जिला: श्रीमती ज्योति पांडेय ने साझा किया कि अब उन्हें छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता। वहीं श्रीमती रेहाना खातून ने इस राशि की मदद से अपना एक छोटा घरेलू बिजनेस शुरू कर लिया है।

  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला: ग्राम डुमरिया की श्रीमती बसंती धुर्वे का मानना है कि योजना ने महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की सच्ची प्रेरणा दी है।

इस योजना का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि इसने महिलाओं के हाथों में आर्थिक निर्णय लेने की शक्ति दी है, जिससे समाज और परिवार में उनकी सहभागिता पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।