छत्तीसगढ़: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर, कोल और शराब घोटाले में हुई है गिरफ्तारी

रायपुर, 10 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित कोयला लेवी घोटाले (Coal Scam) और शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किए गए प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उन्हें आगामी 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच एजेंसियां इस अवधि में उनसे घोटालों से जुड़े कई अहम कड़ियों को लेकर पूछताछ करेंगी।

लंबी फरारी के बाद EOW और ACB ने किया था गिरफ्तार

इस मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीमें काफी समय से रामगोपाल अग्रवाल की तलाश कर रही थीं। लंबी फरारी काटने के बाद आखिरकार जांच एजेंसियों ने उन्हें धर दबोचा और कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 17 जुलाई तक की पुलिस कस्टडी (रिमांड) में सौंप दिया गया है।

रामगोपाल अग्रवाल पर क्या हैं गंभीर आरोप?

जांच एजेंसियों ने कोर्ट के समक्ष रामगोपाल अग्रवाल को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन पर लगे प्रमुख आरोप निम्नलिखित हैं:

  • कोयला लेवी घोटाला: एजेंसियों का दावा है कि छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य में कोयला परिवहन पर ₹25 प्रति टन की अवैध वसूली की जाती थी। इस अवैध उगाही का एक बहुत बड़ा हिस्सा सीधे कांग्रेस भवन में रामगोपाल अग्रवाल को सौंपा जाता था।

  • शराब घोटाला: कोल स्कैम के साथ-साथ प्रदेश के करोड़ों रुपये के कथित शराब घोटाले में भी उनकी सीधी संलिप्तता के आरोप हैं।

  • धान घोटाला: इसके अलावा, राइस मिलर्स से जुड़े करीब ₹140 करोड़ के धान घोटाले में भी जांच एजेंसियों ने उन्हें सह-आरोपी बनाया है।

अब 17 जुलाई तक चलने वाली इस पुलिस रिमांड के दौरान ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीमें इन सभी घोटालों के पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) और इसमें शामिल अन्य रसूखदारों के नामों का पता लगाने की कोशिश करेंगी।