छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा का बदला पूरा पैटर्न: अब 16 जून के बजाय 1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र, पहली कक्षा के लिए 6 साल की उम्र अनिवार्य

रायपुर, 9 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के तहत राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब राज्य के स्कूलों का शैक्षणिक कैलेंडर पूरी तरह बदल जाएगा। नए नियमों के तहत अब कक्षा पहली में दाखिले की उम्र तय करने के साथ-साथ सत्र की शुरुआत की तारीखों में भी बड़ा संशोधन किया गया है।

1. पहली कक्षा में एडमिशन के लिए न्यूनतम उम्र अब 6 साल अनिवार्य

प्राथमिक शिक्षा के शुरुआती स्तर पर एकरूपता और गुणवत्ता लाने के लिए सरकार ने उम्र सीमा का नया मापदंड तय किया है:

  • सबके लिए एक नियम: कक्षा पहली (Class 1st) में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष होनी अनिवार्य होगी। यह नियम शासकीय (Government), निजी (Private) और अनुदान प्राप्त (Aided) सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।

  • RTE में भी बदलाव: शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर होने वाले दाखिलों में भी यही आयु सीमा (6 वर्ष) मान्य होगी।

  • अधिकतम 3 महीने की छूट: यदि कोई बच्चा 1 अप्रैल तक 6 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर पाता है, लेकिन 1 जुलाई तक उसकी उम्र पूरी हो जाती है, तो उसे अधिकतम 3 महीने की ढील देकर एडमिशन दिया जा सकेगा।

  • इन्हें मिलेगी राहत: जो बच्चे पहले से ही किसी मान्यता प्राप्त स्कूल की प्री-प्राइमरी (केजी-1, केजी-2) कक्षाएं पास करके सीधे पहली में जा रहे हैं, उन पर यह नया नियम थोपा नहीं जाएगा। उन्हें उनकी टीसी (TC) या स्कोर कार्ड के आधार पर सीधे प्रवेश मिल जाएगा।

2. अब 16 जून के बजाय 1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल (CGBSE) अब पूरी तरह से CBSE की तर्ज पर अपना शैक्षणिक कैलेंडर संचालित करेगा। अभी तक राज्य में नया सत्र जून के मध्य (16 जून) से शुरू होता था, लेकिन साल 2027 से स्कूल 1 अप्रैल से खुल जाएंगे। अब पूरा शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले साल 31 मार्च तक रहेगा।

मई और जून में मिलेंगी गर्मी की छुट्टियां

1 अप्रैल से नया सत्र शुरू होने के बाद बच्चों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए छुट्टियों का शेड्यूल भी तय कर दिया गया है। स्कूलों में 1 मई से 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां (Summer Holidays) रहेंगी। इसके बाद 16 जून से दोबारा नियमित कक्षाएं सुचारू रूप से चलने लगेंगी।

3. इस बड़े बदलाव के पीछे क्या है मुख्य कारण और फायदे?

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के अनुसार, इस बड़े फैसले के पीछे कई प्रशासनिक और शैक्षणिक सुधार छिपे हैं:

  • सामग्रियों का समय पर वितरण: वर्तमान व्यवस्था में नए छात्रों के प्रवेश, किताबें, स्कूल ड्रेस और साइकिल बांटने का काम जुलाई-अगस्त तक खिंच जाता था, जिससे शुरुआती पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब 1 अप्रैल से ही प्रवेश प्रक्रिया के साथ इन सामग्रियों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

  • पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय: अप्रैल महीने में ही नियमित कक्षाएं शुरू हो जाने से शिक्षकों और छात्रों को पाठ्यक्रम (Syllabus) पूरा करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

  • परीक्षा परिणामों में सुधार: सीबीएसई और सीजी बोर्ड के बीच जो ढाई महीने का अंतर रहता था, वह खत्म होगा। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी और बोर्ड परीक्षाओं की रणनीति बेहतर होगी, जिससे अंततः रिजल्ट में सुधार आएगा।

बिलासपुर के सरकारी स्कूलों में किताबों की देरी पर DEO का आश्वासन

इसी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान सत्र में बिलासपुर के कई सरकारी स्कूलों में अब तक पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंच पाने का मामला भी सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह देरी 70-80 GSM (कागज की गुणवत्ता) से जुड़े सरकारी तकनीकी विवाद के कारण हुई है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने आश्वासन दिया है कि इस विवाद को सुलझा लिया गया है और जल्द ही सभी स्कूलों में किताबों का डिस्ट्रीब्यूशन पूरा कर लिया जाएगा।