माइक्रोसॉफ्ट ने 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला: AI पर बढ़ते खर्च के बीच टेक दिग्गज ने की बड़े पैमाने पर छंटनी

सिलिकॉन वैली: ग्लोबल टेक इंडस्ट्री से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने खर्चों को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी (Layoffs) का एलान किया है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने विभिन्न विभागों से करीब 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। माइक्रोसॉफ्ट के इस कड़े फैसले से टेक जगत में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च बना मुख्य कारण

सूत्रों और रिपोर्टों के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इसके इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम निवेश कर रही है। एआई पर हो रहे इस बढ़ते खर्च और बजट को संतुलित (Balance) करने के लिए कंपनी ने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने का यह बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान और संसाधन एआई तकनीकों के विस्तार पर केंद्रित कर रही है।

पिछले 6 महीनों में शेयर 20% टूटे

बड़े पैमाने पर की गई इस छंटनी के पीछे कंपनी की कमजोर वित्तीय स्थिति को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। पिछले 6 महीनों के भीतर माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों (Microsoft Shares) में 20% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में आ रही इस गिरावट और निवेशकों के बढ़ते दबाव के बीच कंपनी प्रबंधन ने लागत में कटौती (Cost Cutting) का यह सख्त रास्ता चुना है।

कर्मचारियों में छंटनी का डर बढ़ा

माइक्रोसॉफ्ट जैसी अग्रणी कंपनी द्वारा एक साथ इतने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकाले जाने के बाद वैश्विक आईटी सेक्टर (IT Sector) के कर्मचारियों में एक बार फिर नौकरियों को लेकर अनिश्चितता और डर का माहौल बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते चलन के कारण आने वाले दिनों में अन्य बड़ी टेक कंपनियां भी अपने पारंपरिक मैनपावर को कम करके एआई प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।