ट्रम्प-फीफा विवाद: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड रद्द कराने के लिए फीफा अध्यक्ष को किया फोन, खेल जगत में मचा बवाल

वाशिंगटन/रायपुर: फुटबॉल जगत और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने फीफा (FIFA) के अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो को सीधे फोन मिला दिया। आरोप है कि ट्रम्प ने यह फोन अमेरिकी टीम के स्टार स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन (Folarin Balogun) पर लगे रेड-कार्ड सस्पेंशन (प्रतिबंध) को रद्द कराने के लिए किया था। इस खबर के लीक होते ही खेल जगत में एक बड़ा विवाद और राजनीतिक घमासान खड़ा हो गया है।

नियमों और खेल भावना पर उठे गंभीर सवाल

खेल समीक्षकों और फुटबॉल विशेषज्ञों के अनुसार, किसी देश के राष्ट्रप्रमुख द्वारा खेल की सर्वोच्च संस्था (FIFA) के अध्यक्ष पर इस तरह का दबाव बनाना फीफा के निष्पक्षता और स्वायत्तता के नियमों का सीधा उल्लंघन है। सोशल मीडिया और वैश्विक मीडिया में इस कूटनीतिक हस्तक्षेप की तीखी आलोचना हो रही है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक फीफा या व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है।

बेल्जियम से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हुई अमेरिकी टीम

इस हाई-प्रोफाइल विवाद और प्रशासनिक खींचतान के बीच मैदान से अमेरिकी फैंस के लिए एक और बुरी खबर आई। तमाम कोशिशों और दबावों के बावजूद अमेरिकी फुटबॉल टीम मैदान पर अपनी किस्मत नहीं बदल सकी। एक बेहद कड़े मुकाबले में अमेरिकी टीम बेल्जियम से हारकर वर्ल्ड कप टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।

बालोगुन की कमी टीम को खली

स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड का फैसला बरकरार रहने के कारण वह इस अहम नॉकआउट मुकाबले में टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे। बालोगुन की अनुपस्थिति का सीधा असर अमेरिकी टीम के फॉरवर्ड लाइन पर देखने को मिला, जिसका फायदा उठाकर बेल्जियम ने मैच अपने नाम कर लिया। अब खेल प्रेमियों के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि क्या टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भी फीफा इस राजनीतिक दखलअंदाजी पर अमेरिका के खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाएगा।