ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन: अंतिम संस्कार में उमड़ा लाखों का हुजूम, मस्जिद पर फहराया गया ‘लाल झंडा’

तेहरान: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और वैश्विक खबर सामने आ रही है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। उनके अंतिम संस्कार और विदाई यात्रा के दौरान ईरान की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है।

तेहरान और कोम (Qom) शहरों में अंतिम विदाई यात्रा

अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए ईरान के प्रमुख शहरों, विशेष रूप से राजधानी तेहरान और पवित्र शहर कोम (Qom) में विशाल यात्रा निकाली जा रही है। अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए देश भर से आए लाखों नागरिक सड़कों पर मौजूद हैं, जिससे सुरक्षा और प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

मस्जिद पर फहराया गया ‘लाल झंडा’ (Red Flag)

इस भावुक और गंभीर माहौल के बीच, ईरान के कोम शहर में स्थित पवित्र जामकरन मस्जिद (Jamkaran Mosque) पर ‘लाल झंडा’ फहराया गया है। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामरिक विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

शरिया और ईरानी परंपराओं के अनुसार, मस्जिद के गुंबद पर लाल झंडा फहराने को बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है। अमूमन यह झंडा ‘अन्याय का बदला’ लेने या बड़े संघर्ष के संकल्प के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं।

दुनिया भर की नजरें ईरान पर टिकीं

सुप्रीम लीडर के निधन के बाद ईरान में सत्ता के नए समीकरणों और भविष्य की रणनीतियों को लेकर वैश्विक कूटनीति गरमा गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, खामेनेई के जाने के बाद ईरान के अगले नेतृत्व और उनकी विदेश नीति पर पूरी दुनिया, विशेषकर अमेरिका और इजराइल की पैनी नजर बनी हुई है।