रायपुर: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा और त्याग का अनुपम उदाहरण – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 6 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह में उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश आज डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने धारा 370 के हटने और अंत्योदय की भावना पर आधारित विकास को राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने वाले ऐतिहासिक कदम बताया।

सभी संभाग और जिला मुख्यालयों में लगेंगी प्रतिमाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में डॉ. मुखर्जी की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

सिद्धांतों के लिए मंत्रिमंडल से दिया था इस्तीफा

डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम ने कहा कि वे केवल एक दूरदर्शी राजनेता ही नहीं, बल्कि विलक्षण शिक्षाविद भी थे, जो मात्र 33 वर्ष की आयु में विश्वविद्यालय के कुलपति बने थे। स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की उनकी प्रतिबद्धता ऐसी थी कि उन्होंने सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना स्वीकार किया। जम्मू-कश्मीर में ‘एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान’ की व्यवस्था के विरुद्ध उन्होंने ऐतिहासिक संघर्ष किया और देश की अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान और छत्तीसगढ़ का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार देश के गौरवशाली इतिहास और भूले-बिसरे स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान दिला रही है। नया रायपुर स्थित शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के 14 वीर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में विशेष दीर्घा स्थापित की गई है।

राज्य सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि:

  • मोदी की गारंटी: पिछले ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्प पूरे किए गए हैं।

  • नियद नेल्लानार योजना: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं।

  • बुनियादी ढांचा: 500 से अधिक गांवों तक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और 700 से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं।

  • स्वास्थ्य अभियान: बस्तर अंचल में व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार अभियान संचालित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अंत में युवाओं का आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रसेवा, शिक्षा, त्याग और समर्पण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

इस गरिमामय अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।