रायपुर: नकटी गांव का विस्थापन मामला गर्माया, बुलडोज़र कार्रवाई पर BJP सांसद ने उठाए सवाल; कांग्रेस करेगी आंदोलन
रायपुर: राजधानी रायपुर के नकटी गांव में अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा की गई बुलडोज़र कार्रवाई और उसके बाद विस्थापित हुए परिवारों का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बेघर हुए विस्थापित परिवारों ने अपनी विभिन्न मांगों और उचित पुनर्वास को लेकर अब सीधे तौर पर प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है।
इस बीच, इस पूरे संवेदनशील घटनाक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है।
भाजपा सांसद ने अपनी ही सरकार के एक्शन पर खड़े किए सवाल
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय सांसद ने इस विस्थापन और बुलडोज़र की कार्रवाई के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी। सांसद ने अपनी ही सरकार और प्रशासन के इस कड़े एक्शन और परिवारों को अचानक बेदखल करने के अमानवीय तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले प्रभावितों के रहने और पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था सोची जानी चाहिए थी।
कांग्रेस ने दी राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है और सरकार के खिलाफ एक बड़े मोर्चे की तैयारी कर ली है। कांग्रेस नेताओं ने विस्थापित परिवारों का समर्थन करते हुए इस कार्रवाई को जनविरोधी बताया है। पार्टी इस गंभीर मुद्दे को लेकर जल्द ही पूरे प्रदेश में एक बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार कर रही है।
24 घंटे के इस अल्टीमेटम और चौतरफा राजनीतिक दबाव के बीच अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और साय सरकार इन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाती है।
