वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप: मात्र 60 सेकेंड में आए दो भीषण झटके, 10 हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका
कारकास, 25 जून 2026: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला में कल शाम मात्र 39 से 60 सेकेंड के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप (Twin Earthquakes) आए हैं। इन भीषण झटकों के कारण देश की राजधानी कारकास सहित कई प्रमुख शहर और इलाके पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं।
ताश के पत्तों की तरह ढह गईं बहुमंजिला इमारतें
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इन दोनों भूकंपों की तीव्रता इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते दर्जनों बहुमंजिला इमारतें, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और रिहायशी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। जिस वक्त यह आपदा आई, देश में राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में ही मौजूद थे। मलबे के नीचे अभी भी हजारों लोगों के दबे होने की बात कही जा रही है। शुरुआती अनुमानों के आधार पर एजेंसी ने आशंका जताई है कि इस विनाशकारी आपदा में मरने वालों का आंकड़ा 10,000 से लेकर 1 लाख के बीच हो सकता है।
‘ला गुएरा’ बना डिजास्टर जोन, आपातकाल लागू
भूकंप से मची भारी तबाही को देखते हुए देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ (आपातकाल) की घोषणा कर दी है। भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित तटीय इलाके ‘ला गुएरा’ (La Guaira) को पूरी तरह से ‘डिजास्टर जोन’ घोषित कर दिया गया है।
तबाही का आलम यह है कि देश का मुख्य हवाई अड्डा ‘सिमोन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ भी मलबे और दरारों के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते हवाई सेवाओं को पूरी तरह बंद करना पड़ा है।
रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
भूकंप के तुरंत बाद कई राज्यों में बिजली गुल हो गई है और टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़ गया है। इसके बावजूद स्थानीय राहतकर्मी, सेना और रेड क्रॉस की टीमें रात के अंधेरे में मोबाइल और टॉर्च की रोशनी के सहारे मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं। आपदा की इस घड़ी में दक्षिण अमेरिका के 8 पड़ोसी देश और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आई हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक लगातार भूकंप के तगड़े झटके (Aftershocks) आ सकते हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
